राज्य ब्यूरो, लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस पर उसकी विकास यात्रा की सराहना की। जन भवन में शनिवार को आयोजित यूपी दिवस समारोह में राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज तेजी से विकसित होता हुआ प्रदेश है, जहां उच्च शिक्षा, पर्यटन, संपर्क राजमार्गों, आधुनिक अवसंरचना और नवाचार के माध्यम से विकास के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं।
जनसंख्या और संसद में प्रतिनिधित्व की दृष्टि से भी उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी स्थान रखता है। इस प्रदेश ने देश को सर्वाधिक प्रधानमंत्री प्रदान करने का गौरव भी प्राप्त किया है।
यह विकास और विरासत, आधुनिकता और परंपरा के संतुलन के साथ आगे बढ़ रहा है। यह परिवर्तन दूरदर्शी नेतृत्व, सुशासन और जनभागीदारी का परिणाम है। उन्होंने वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में सभी से सक्रिय योगदान का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि भारत भूमि सभी राज्यों को एक सूत्र में जोड़ती है तथा हमारी अद्वितीय संस्कृति अनेकता में एकता के भाव को सशक्त करती है। इसी भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना प्रस्तुत की गई है।
वर्ष 2025 उत्तर प्रदेश के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित हुआ है। लखनऊ में प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया गया, जहां डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। यह स्थल सभी को जाकर देेखना चाहिए।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक विरासत पर आधारित एक वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया। लखनऊ के विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा देश भक्ति व संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गईं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राज्यपाल डा. सुधीर महादेव बोबडे, विशेष सचिव श्रीप्रकाश गुप्ता, विशेष कार्याधिकारी शिक्षा डा. पंकज एल. जानी आदि उपस्थित रहे। |