सिरहौल बार्डर से साइबर सिटी तक बनेगा एलिवेटेड रोड। फोटो जागरण
आदित्य राज, गुरुग्राम। सिरहौल बाॅर्डर से शंकर चौक के नजदीक साइबर सिटी तक एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी डीएलएफ ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को दिया है। डिजाइन बनाने से लेकर एलिवेटेड रोड का निर्माण भी कंपनी ही कराएगी।
एनएचएआई से केवल बनाने के लिए स्वीकृति चाहिए। डीएलएफ के प्रस्ताव पर एनएचएआ ने विचार करना शुरू कर दिया है। एलिवेटेड रोड बनने से बार्डर से लेकर शंकर चौक तक ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक खत्म हो जाएगा। फिलहाल 24 घंटे ट्रैफिक का दबाव रहता है। पीक आवर के दौरान 700 मीटर का सफर आधे घंटे से अधिक समय में लोग तय करते हैं।
साइबर सिटी के कई इलाकों में ट्रैफिक का भारी दबाव है। इनमें सिरहौल बार्डर से शंकर चौक तक (दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन का सिरहौल बाॅर्डर से लेकर शंकर चौक का भाग) का इलाका सबसे ऊपर है। सिरहौल बाॅर्डर के नजदीक ही एंबियंस माॅल है, जिसमें प्रतिदिन हजारों लोग पहुंचते हैं। साइबर सिटी में हजारों लोग काम करते हैं।
शंकर चौक के दूसरी तरफ उद्योग विहार नामक औद्योगिक क्षेत्र है, जिसमें लाखों लोग काम करते हैं। इससे दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर सिरहौल बाॅर्डर से लेकर शंकर चौक के नजदीक साइबर सिटी तक वाहन रेंगते रहते हैं। इससे साइबर सिटी की छवि प्रभावित हो रही है।
स्थिति यह है कि पीक आवर के दौरान एंबियंस माॅल जाने से भी लोग कतराने लगे हैं। ट्रैफिक दबाव की वजह से दिन प्रतिदिन साइबर सिटी का आकर्षण कम होने लगा है। इसे देखते हुए डीएलएफ ने एनएचएआई को एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव दिया है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण को भी प्रस्ताव की कापी भेजी गई है।
इस बारे में एनएचएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि डीएलएफ का प्रस्ताव बेहतर है। एलिवेटेड रोड बनाने की अनुमति देने से पहले हर स्तर पर फिजिबिलिटी देखी जाएगी। डीएलएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि एनएचएआई से अनुमति मिलते ही एस्टीमेट तैयार कर आगे का काम तेजी से शुरू कर दिया जाएगा। बता दें कि सिरहौल बाॅर्डर से प्रतिदिन औसतन साढ़े तीन लाख वाहन गुजरते हैं। इनमें से आधे से अधिक वाहन साइबर सिटी एवं उद्योग विहार इलाके में जाते हैं।
एनएचएआई को तत्काल अनुमति देनी चाहिए
एनएचएआई के पूर्व तकनीकी सलाहकार व लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत मुख्य अभियंता जेएस सुहाग का मानना है कि डीएलएफ के प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से स्वीकार करते हुए एलिवेटेड रोड निर्माण की अनुमति देनी चाहिए। शहर का बहुत बड़ा जंक्शन बेहतर हो जाएगा। सिरहौल बाॅर्डर से लेकर शंकर चौक तक सर्विस लेन पर 24 घंटे ट्रैफिक का दबाव रहता है।
इससे शहर की छवि खराब हो रही है क्योंकि साइबर सिटी के इलाके में काफी संख्या में मल्टीनेशनल कंपनियां संचालित हो रही हैं। साथ-साथ एनएचएआई एक्सप्रेसवे को भी एलिवेटेड करने की योजना पर काम करे। एलिवेटेड किए जाने से ही एक्सप्रेसवे के ऊपर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
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