search

भागलपुर: 14 स्कूलों के 2007-08 व 2008-09 अनुदान भुगतान की जांच, एक सप्ताह में सच आ जाएगा सामने

LHC0088 1 hour(s) ago views 561
  

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।  



जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले के 14 वित्त पोषित माध्यमिक और इंटर कालेज के 2007-08 और 2008-09 के अनुदान भुगतान की जांच की जाएगी। इस जांच का आदेश राज्य के 35 जिलों के 139 माध्यमिक स्कूलों और इंटर कालेजों को लेकर किया गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर. ने संबंधित जिलों के डीईओ को एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए हैं।

दरअसल, इन संस्थानों ने 2007-08 और 2008-09 के लिए अनुदान का दावा किया था, जिसके बाद विभाग ने नियमों और शर्तों के पालन की पुष्टि के लिए जांच का आदेश दिया। विभाग की अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि अनुदान केवल उन्हीं स्कूलों को मिलेगा जो उस समय के सभी नियम और शर्तें पूरी करते हों।

  • जिले के 14 सहित राज्य के 139 संस्थानों ने 2007-08 और 2008-09 के अनुदान भुगतान का किया है दावा
  • जांच के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने जारी किया है पत्र जिला शिक्षा पदाधिकारी से एक सप्ताह में मांगी गई है रिपोर्ट
  • जांच में वर्तमान समय में उपलब्ध जमीन, 10वीं और 12वीं पास करने वाले के छात्रों की संख्या को देना है अनिवार्य


विभाग के गाइडलाइन के अनुसार, शहरी क्षेत्र में स्कूल के पास साढ़े तीन एकड़ और ग्रामीण क्षेत्र में सात एकड़ भूमि होना आवश्यक था। इसके अलावा, राज्य के 35 जिलों में से जहानाबाद, शेखपुरा और शिवहर जिलों के स्कूल इस जांच में शामिल नहीं हैं।

विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उस समय कई स्कूल केवल कागजों पर ही सक्रिय थे, फिर भी उन्होंने अनुदान के लिए दावा प्रस्तुत किया। जांच के दौरान इन 14 स्कूलों से 2007-08 और 2008-09 के 10वीं और 12वीं पास छात्रों का डेटा लिया जाएगा, ताकि 9वीं और 11वीं कक्षा के छात्रों की गणना भी सही तरीके से हो सके।

अधिकारी ने यह भी बताया कि राज्य के कई संस्थानों ने एक वर्ष के लिए 50 से 60 लाख रुपये तक की राशि का दावा किया था। इस वजह से विभाग ने सुनिश्चित किया है कि केवल वही संस्थान अनुदान प्राप्त करें जो वास्तविक और नियमों के अनुरूप छात्रों और संसाधनों का विवरण प्रस्तुत करेंगे।

जांच रिपोर्ट में भूमि, छात्रों की संख्या, कक्षा के रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि होगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ही भुगतान का निर्णय लिया जाएगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनुदान केवल योग्य और वास्तविक संस्थानों को ही मिले, जिससे शिक्षा विभाग की वित्तीय पारदर्शिता बनी रहे।
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
159357