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प्यार, टकरार और चौके-छक्के: मंगल तालाब में खेला गया अनोखा ‘Valentine Cup’

LHC0088 1 hour(s) ago views 878
  

आशिकी की सजी पिच पर चौके-छक्कों की बरसात



जागरण संवाददाता, पटना सिटी(पटना)। पटना सिटी के मंगल तालाब स्थित मनोज कमलिया स्टेडियम ने एक अनोखा इतिहास रचा। देश में पहली बार वेलेंटाइन वीक पर ‘वेलेंटाइन कप चैंपियनशिप’ खेली गई। मैदान में दो टीमें थीं—‘मोहब्बत इलेवन’ और ‘इश्क इलेवन’। पिच भी लाल, बल्ला भी लाल और गेंद भी लाल-ए-लाल थी।आशिकी की सजी पिच पर चौके-छक्कों की बरसात हो रही थी। रोमांस और क्रिकेट का ऐसा संगम कम ही देखने को मिलता है।

  

  
2021 में पहली बार, फिर कोरोना ने लगाया ब्रेक

यह खास मुकाबला वर्ष 2021 में पहली बार आयोजित हुआ था। इसके बाद कोरोना महामारी ने इस अनोखे आयोजन पर ब्रेक लगा दिया। लेकिन उस पहले मैच की यादें आज भी शहर के दिल में ताजा हैं।


15-15 ओवर के इस मुकाबले में 16-16 खिलाड़ी मैदान में उतरे थे। कमेंट्री भी ‘मोहब्बत के परवानों’ ने ही की थी। हर चौके पर तालियां और हर छक्के पर इश्क का शोर गूंजता था।


  
प्रेम विवाह करने वाले ही थे खिलाड़ी

वेलेंटाइन कप की सबसे खास बात थी खिलाड़ियों का चयन। मैदान में वही उतरे जिन्होंने एक दशक पहले प्रेम विवाह किया था। टीम में जनप्रतिनिधि, व्यवसायी और शहर के प्रतिष्ठित चेहरे शामिल थे।


ड्रेस कोड भी वेलेंटाइन थीम पर लाल और गुलाबी रंग का था। यह सिर्फ मैच नहीं, प्रेम की जीत का उत्सव था। अंपायर भी ऐसे थे जिन्होंने खुद प्रेम विवाह किया था।


  
रोमांस भरा उद्घाटन और सजता मैदान

मैच का उद्घाटन 50 साल पुराने प्रेमी युगल ने किया। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व सचिव अजय नारायण शर्मा और मधु शर्मा ने टॉस कराया। पूरा मैदान लाल-पीले बैलून और झंडों से सजा था।


फिल्मी मोहब्बत के गीत माहौल को और रंगीन बना रहे थे। हजारों दर्शक इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। हर चेहरा मुस्कुरा रहा था, जैसे इश्क जीत रहा हो।

संघर्ष से सफलता तक शिवानी राय की कहानी

इस आयोजन की सूत्रधार थीं जगुआर क्रिकेट एकेडमी की सचिव शिवानी राय। उन्होंने भी प्रेम विवाह कर अपनी अलग पहचान बनाई। पटना विश्वविद्यालय से पढ़ाई और फिर गोल्ड मेडल तक का सफर तय किया।


2017 में नालंदा खुला विश्वविद्यालय से टॉपर बनकर सम्मानित हुईं। उनकी बेटी श्रेया भी क्रिकेट में नाम कमा रही है। सचमुच यह आयोजन प्रेम और संघर्ष दोनों का प्रतीक था।

पुलवामा के शहीदों को सलाम के साथ शुरू हुआ मैच

मैच शुरू होने से पहले पुलवामा के 40 शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। मोहब्बत के परवानों ने राष्ट्र के वीर सपूतों को नमन किया। इश्क और देशभक्ति का यह संगम भावुक कर गया।


उस दिन क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, एक एहसास बन गया था। आज भी जब वेलेंटाइन डे आता है, मंगल तालाब की वो शाम याद आती है। प्यार, टकरार और रोमांस से भरा वह मैच सच में इतिहास बन गया।
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