जेफ्री एपस्टीन। (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी जिन फाइलों का रिलीज किया है, उनमें कई चौंकाने वाले खुलासे लगातार हो रहे हैं। अब उसकी गर्लफ्रेंड कैरीना शूलियाक को लेकर नई कहानी सामने आई है। साथ ही इस बात का भी खुलासा हुआ है कि वह अपनी पसंद वाली महिलाओं को झांसा देकर अपने साथ रहने के लिए मजबूर किया करता था।
2013 की शुरुआत में जेफरी एपस्टीन की गर्लफ्रेंड कैरीना शूलियाक अपने अमेरिकी वीजा स्टेटस को लेकर टेंशन में थी। उसी साल बाद में उसने एक अमेरिकन नागरिक से शादी कर ली। इसके बाद ग्रीन कार्ड मिला और 2018 में नागरिकता भी मिली। फिर शूलियाक ने अपने पति जेनिफर को तलाक दे दिया।
स्टूडेंट वीजा और नकली शादियों का सहारा
वहीं, शुलियाक किम्बल मस्क के साथ रिलेशनशिप में थी। इसके बाद एपस्टीन के इमिग्रेशन वकीलों में से एक ने शूलियाक के दिन मैसेज किया, “अब जब वह एक अमेरिकन है तो तुम्हें उसके लिए बड़ी पार्टी करनी चाहिए।“
शूलियाक की इमिग्रेशन कहानी और जारी की गई फाइलों में सामने आई कई दूसरी महिलाओं की कहानियां दिखाती हैं कि कैसे एपस्टीन ने स्टूडेंट वीजा, इंग्लिश भाषा के कोर्स और नकली शादियों का इस्तेमाल यह पक्का करने के लिए किया कि उसके दायरे में आने वाली महिलाएं वहीं रहें जहां वह उन्हें चाहता था।
ऐसे कराया शूलियाक का एडमिशन
2011 में शूलियाक का एडमिशन कोलंबिया यूनिवर्सिटी के डेंटल कॉलेज में करवाया गया। बताया गया कि उसका बेलारूस से ट्रांसफर हुआ है और उसने अपनी डिग्री पूरी नहीं कर पाई है। उसके एडमिशन के बाद पता चला कि उसका इमिग्रेशन केस एक और मुश्किल थी, जिसे पार करना था।
कोलंबिया के डेंटल स्कूल के एक अधिकारी ने जुलाई 2012 में शुलियाक को लिखा, “अगर आज आपको इमिग्रेशन ऑफिस में चक्कर लगवाने पड़े तो मुझे बहुत अफसोस है। इस समय मुझे लगता है कि आपके इमिग्रेशन स्टेटस के साथ सब कुछ ठीक है।“
वीजा दिलाने के लिए मांगी मदद
एपस्टीन शूलियाक के इमिग्रेशन स्टेटस को पक्का करना चाहता था। उसने अपने नेटवर्क से संपर्क किया और चुपचाप उसका स्टूडेंट वीजा वापस दिलाने में मदद मांगी। एपस्टीन ने 2012 के आखिर में इयान ओसबोर्न को लिखा, “मैं पूछना नहीं चाहता क्योंकि मैं चाहता हूं कि वह मेरी फाइल का हिस्सा न हो।“ इयान एक ब्रिटिश इन्वेस्टर हैं जिनका नाम फाइलों में कई बार आता है।
वकीलों ने एपस्टीन और ओसबोर्न से कॉन्फ्रेंस कॉल पर मुलाकात की और एक इमिग्रेशन फर्म से मदद ली। एक वकील ने सुझाव दिया कि एपस्टीन खुद इमिग्रेशन फर्म से संपर्क कर सकता है या स्कैडेन किसी दूसरी फर्म से संपर्क कर सकता है।
9 अक्टूबर 2013 को शूलियाक ने न्यूयॉर्क में शादी कर ली। जिस व्यक्ति से उसने शादी की थी, उसका नाम मैरिज रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट से हटा दिया गया था, लेकिन उन दोनों का नाम न्यूयॉर्क में 301 ईस्ट 66th स्ट्रीट में रहने के तौर पर लिखा था। यह पता फाइलों में बार-बार आता है, क्योंकि यहां एपस्टीन से जुड़ी कई महिलाएं और जाने-माने मेहमान रुके थे।
अगले दिन शूलियाक ने बेस्कारदेस से बात की और अपॉइंटमेंट मांगा। 2014 के बीच में शूलियाक ने ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई किया और दिसंबर तक इंटरव्यू शेड्यूल हो गया। तीन साल बाद शूलियाक की अमेरिकी नागरिक बनने की प्रक्रिया चल रही थी। मई तक वह एक अमेरिकन बन गई।
कई महिलाओं की एपस्टीन ने भरी फीस
नवंबर 2010 में एक ट्रांसक्रिप्ट से पता चलता है कि शूलियाक ने स्पैनिश अमेरिकन इंस्टीट्यूट में एक कोर्स शुरू किया, जो अब मिडटाउन मैनहट्टन में एक इंग्लिश-लैंग्वेज स्कूल है। ईमेल, स्काइप मैसेज और बैंक स्टेटमेंट के अनुसार, एपस्टीन ने कई महिलाओं को स्पॉन्सर किया और उनकी फीस दी।
एपस्टीन के आस-पास के लोगों ने भी महिलाओं को अमेरिका में रखने में मदद की। एपस्टीन के लंबे समय के लीगल एडवाइजर डैरेन इंडीक ने एक महिला की तरफ से वर्क वीजा के लिए एप्लीकेशन दी, जिसका नाम जस्टिस डिपार्टमेंट की फाइलों में हटा दिया गया था।
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