राजा टापर गांव में लगे पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ।
जागरण संवाददाता, पलियाकलां (लखीमपुरखीरी)। देवीपुर गांव में खेत मे बैठे बालक का तेंदुए द्वारा शिकार करने की घटना के बाद उसे पकड़ने के लिए राजा टापर गांव में लगाए गए पिंजरे में एक तेंदुआ कैद हो गया है। यह वही तेंदुआ है, जिसने बालक का शिकार किया था या दूसरा है यह उसके पग चिन्ह के मिलान के बाद तय होगा।
पिंजरे में कैद तेंदुए को रेंज कार्यालय लाया जा रहा है। यहां पर उसके स्वास्थ्य की जांच के बाद उसे कहा छोड़ा जाएगा, इसका निर्णय लिया जाएगा। मामले की सूचना विभागीय उच्च अधिकारियों को दे दी गई है।
पलिया रेंज में राजा टापर गांव में लगे पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ
जनवरी माह में परसिया निवासी राधे अपने परिवार के साथ देवीपुर गांव में एक फार्मर के फॉर्म पर गन्ना छीलने का काम कर रहा था। उस दौरान उसका 10 वर्षीय पुत्र आराध्यम खेत मे ही बैठा हुआ था। उसी समय गन्ने के खेत से निकले एक तेंदुए ने बच्चे को अपना शिकार बना लिया था और उसे खेत मे खींच ले गया था। परिवार के लोगों व अन्य मजदूरों ने शोर किया तो तेंदुआ बच्चे को छोड़कर भाग गया था।
वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया था पिंजरा
बच्चे का तेंदुए द्वारा शिकार करने की घटना के बाद वन विभाग ने देवीपुर व राजा टापर गांव में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। बीती रात राजा टापर गांव में लगे पिंजरे में एक तेंदुआ कैद हो गया है। पिंजरे में कैद तेंदुए को पलिया रेंज कार्यालय लाया जा रहा है। यहां पर उसके स्वास्थ्य की जांच होगी। जांच के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उसे जंगल मे छोड़ दिया जाएगा। उसे कहां और किस जंगल मे छोड़ा जाएगा इसका निर्णय प्रमुख मुख्य वन संरक्षक द्वारा लिया जाएगा।
पलिया रेंज के डिप्टी रेंजर शिव बाबू सरोज ने बताया कि तेंदुआ पकड़ में आ गया है। उसे रेंज ऑफिस लाया जा रहा है। यहां पर स्वास्थ्य जांच के बाद तय होगा कि उसकी उम्र कितनी है। |
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