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लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश को स्मृति चिन्ह भेंट करते फूल बाबू। स्त्रोत स्वयं
संवाद सहयोगी जागरण, बीसलपुर। उत्तर प्रदेश के आगामी 2027 विधानसभा चुनावों से पहले जिले की राजनीति में रविवार को बड़ा उलट फेर हो गया। बसपा के नेता और पूर्व राज्य मंत्री अनीस अहमद खां उर्फ फूल बाबू ने समा का दामन थाम लिया। लखनऊ में सपा के प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में पत्रकार वार्ता में उन्होंने पार्टी की आधिकारिक सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने अखिलेश यादव को स्मृति चिन्ह भेंट कर अपनी नई राजनीतिक पारी को शुरू किया।
बसपा छोड़ सपा में शामिल हुए फूल बाबू
बीसलपुर विधानसभा क्षेत्र के निवासी अनीस अहमद खां बीसलपुर नगर पालिका के दो बार अध्यक्ष रहे, पिता शफी अहमद खां के निधन के बाद राजनीति में कदम रखने के बाद बीसलपुर सीट से बसपा के टिकट पर लगातार तीन बार 1996, 2002 और 2007 विधानसभा चुनाव जीते। बसपा सरकार में वह हज एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के राज्य मंत्री भी रहे। हाल ही में उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव भी बसपा के टिकट पर पीलीभीत सीट से लड़ा था।
लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दिलाई सदस्यता
सपा में शामिल होने के बाद फूल बाबू ने स्पष्ट किया कि उनका यह निर्णय व्यक्तिगत न होकर समर्थकों और क्षेत्र की जनता के हित में है। उनकी इस एंट्री से बरेली मंडल के पीलीभीत, शाहजहांपुर और आसपास के जिलों में बसपा के जनाधार को भारी क्षति पहुंच सकती है, जबकि मुस्लिम और अल्पसंख्यक वोटों के ध्रुवीकरण से सपा को आगामी चुनावों में बड़ी मजबूती मिलेगी। उनके सपा में शामिल होने समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। समर्थकों ने आतिशबाजी कर और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस फैसले का स्वागत किया। |
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