जागरण संवाददाता, कानपुर। किसानाें को अब किसी भी योजना का लाभ लेना है ताे इसके लिए फार्मर रजिस्ट्री बनवाना अनिवार्य है। यह एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसमें किसानों का 11 अंकों का एक आईडी नंबर दिया जाता है।
इस प्रपत्र में किसानाें के सभी अभिलेखों की फीडिंग कर जाती है, ताकि किसी योजना से लाभ लेने वंचित न रहें। जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त किसानाें की फार्मर रजिस्ट्री बनाने के निर्देश दे रखे है। यह काम इसी माह के अंत तक यह काम पूरा होना था।
अभी तक 285597 किसानों के सापेक्ष 168334 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बन पाई है। इसके लिए लेखपालो और पंचायत सचिवो को जिम्मेदारी दी गई।
मगर इतनी सरकारी कसरत होने के बावजूद अभी तक फार्मर रजिस्ट्री का काम पूरा नहीं हो सका है। यह आलम तब है, जब सत्र समाप्ति की ओर है और पीएम किसान सम्मान निधि योजना का पोर्टल खोलते ही आवेदन करने वाले एवं संशोधन कराने वाले किसानों की भरमार लग जाएगी। तब यही फार्मर रजिस्ट्री काम में बाधा बनेगी।
आंकड़ों पर एक नजर
तहसील किसानों की संख्या फार्मर रजिस्ट्री वाले किसान
बिल्हौर
99103
58305
घाटमपुर
70767
50035
कानपुर
46323
24535
नरवल
69404
35459
कुल
285597
168334
- |