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इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
संवाद सहयोगी, मोतिहारी । चाकू मारकर पति-पत्नी की हत्या के मेहसी मिठनपुरा की बहुचर्चित मामले में इक्कीसवीं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश रंजन की अदालत ने नामजद अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास तथा एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में दोषी को एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि अर्थदंड की राशि वसूल होने पर मृतकों के वारिसों को प्रदान की जाएगी।
सजा मेहसी थाना क्षेत्र के मिठनपुरा वार्ड संख्या 05 निवासी स्व. सिकी साह के पुत्र पवन साह को हुई। यह मामला मेहसी थाना कांड संख्या 108/2024 से संबंधित है, जिसे स्थानीय निवासी मीना देवी, पति मनोज साह ने दर्ज कराई थी।
प्राथमिकी के अनुसार 14 जुलाई 2024 की दोपहर मीना देवी के ससुर बतहु साह गांव के समीप बंसवारी में खाट पर सोए हुए थे। उसी दौरान कपड़ा हट जाने की बात को लेकर शाम करीब पांच बजे अभियुक्त ने उन्हें पकड़ लिया और चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
बचाने आई उनकी पत्नी मानती देवी पर भी अभियुक्त ने चाकू से वार कर दिया, जिससे दोनों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। वारदात के बाद अभियुक्त चाकू फेंककर भागने लगा, लेकिन ग्रामीणों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
मामले की जांच के उपरांत पुलिस ने पवन साह के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया, जबकि अन्य नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध अनुसंधान जारी रखा।
उच्च न्यायालय पटना के आदेशानुसार सत्र वाद संख्या 368/2025 की सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक मो. मोईनुल हक एवं सहायक अधिवक्ता पवन कुमार ने अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह प्रस्तुत किए।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत अभियुक्त को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही कारागार में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया गया। |
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