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जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। स्वर्णरेखा नदी काे बचाने और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सख्त निर्देशों का पालन करने के लिए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने कार्ययोजना तैयार कर ली है। नगर निकाय चुनाव संपन्न होते ही नदी तट के प्रतिबंधित 15 मीटर के दायरे में बने 40 अवैध निर्माणों को ढहाने का अभियान शुरू होगा। जमशेदपुर अंचल अधिकारी (CO) मनोज कुमार की जांच रिपोर्ट में भुइयांडीह से बाबूडीह बस्ती तक कुल 145 कच्चे-पक्के मकानों को चिन्हित किया गया है, जो सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए गए हैं।
एनजीटी की गाइडलाइन और प्रशासनिक सख्ती एनजीटी का स्पष्ट निर्देश है कि नदी तट के नो कंस्ट्रक्शन जोन में किसी भी प्रकार का ढांचा खड़ा करना कानूनन अपराध है। तत्कालीन उपायुक्त अनन्य मित्तल के आदेश पर कराए गए विस्तृत सर्वे के बाद प्रशासन ने सभी अतिक्रमणकारियों को तीन बार अंतिम नोटिस जारी किया था। नोटिस की समय सीमा समाप्त हो चुकी है। अंचल अधिकारी के अनुसार, पहले चरण में चिन्हित 40 अवैध कब्जों को हटाने का आदेश पारित हो चुका है। अब केवल दंडाधिकारी (Magistrate) और पुलिस बल की नियुक्ति की औपचारिक देरी है, जिसके तुरंत बाद भारी मशीनरी के साथ भवन तोड़ने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
भू-माफियाओं की साजिश और पीड़ितों का दर्द प्रशासनिक जांच में एक काला सच यह भी सामने आया है कि भू-माफियाओं ने स्थानीय लोगों के साथ मिलीभगत कर नदी तट की सरकारी जमीन का सौदा किया। भोली-भाली जनता को गुमराह कर 50 हजार से लेकर 3 लाख रुपये तक में प्लॉट बेचे गए, जिस पर लोगों ने अपनी जीवन भर की पूंजी लगाकर झोपड़ियों से लेकर बहुमंजिला इमारतें तक बना लीं। विशेष रूप से भुइयांडीह, बाबूडीह और बारीडीह क्षेत्रों में यह अतिक्रमण सबसे सघन है। आज ये लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, लेकिन नियमों के उल्लंघन के कारण अब इन घरों पर प्रशासनिक गाज गिरना तय है।
नदी के प्राकृतिक स्वरूप को लौटाने का संकल्प अंचल अधिकारी मनोज कुमार ने कहा है कि अतिक्रमणकारियों को अपना पक्ष रखने और स्वयं हटने का पर्याप्त समय दिया जा चुका है। अब किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य स्वर्णरेखा नदी के प्रवाह क्षेत्र को बाधा मुक्त करना और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। चुनाव के ठीक बाद शुरू होने वाला यह महाअभियान शहर के अन्य क्षेत्रों में सरकारी जमीन कब्जाने वालों के लिए भी एक बड़ी चेतावनी माना जा रहा है। |
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