जागरण संवाददाता, वाराणसी। अल्लाह-त-आला की इबादत, रहमत व बरकतों के महीने रमजानुल मुबारक का मोमिनों को बेसब्री से इंतजार है। चांद दिखते ही 30 दिनों का रोजा आरंभ हो जाएगा।
मोमिन बुधवार को रमजानुल मुबारक का चांद दिखने की उम्मीद लगाए हुए हैं, यदि बुधवार को चांदरात हुई तो जुमेरात यानी गुरुवार से इबादतों के इस पाक माह का पहला असरा शुरू हो जाएगा। बुधवार को मगरिब की नमाज के बाद नई सड़क स्थित लंगड़े हाफिज मस्जिद में रुयते हेलाल कमेटी की मीटिंग होगी, जिसमें दीदार ए चांद की तस्दीक की जाएगी।
रमजान को लेकर शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में बाजारों की रौनक बढ़ने लगी है। मस्जिदों में तरावीह को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके लिए मस्जिदों में रंग-रोगन के खास इंंतजाम किए गए हैं। 30 दिनों के रोजे के दौरा सहरी और अफ्तारी के लिए बाजारे सजने लगे हैं।
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खजूर, तरबूज और अन्य फलों की आमद बढ़ गई है। तीनों असरों में हाेने वाली तरावीह को लेकर सभी प्रमुख मस्जिदों के इमाम और अन्य इंतजामिया कमेटी ने तैयारी कर ली है। ज्ञानवापी में दस दिन, लाट सरैयां में तीन दिन, कोतवाली स्थित चौक मस्जिद में पांच दिन, चौक स्थित बीबी रजिया में दस दिन, दालमंडी स्थित संगमरमर मस्जिद में दस दिन, रंगीले शाह मस्जिद में 26 दिन, नई सड़क स्थित खजूर वाली मस्जिद में दस दिन, नई सड़क स्थित लंगड़े हाफिज मस्जिद में छह दिन, नई सड़क स्थित अलकुरैश मस्जिद, दाई कंगूरा मस्जिद में दस दिन, कटिंग मेमोरियल स्थित मुश्किल आसान बाबा में छह दिन, कमिश्नरेट स्थित लाट शाही में छह दिन, रजा कालोनी मस्जिद में दस दिन, सलीमपुरा स्थित काली मस्जिद में 15 दिन, सलीमपुरा स्थित जुमा मस्जिद में दस दिन, पुलिस लाइन चौराहा स्थित मस्जिद में दस दिन, मस्जिद अजगेब शहीद में छह दिन, धरहरा स्थित अलमगिरी में पांच दिन तरावीह होनी है। |