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जागरण संवाददाता, भागलपुर। राज्य स्वास्थ्य समिति ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मृत्यु होने पर शव परिवहन की सुविधा अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश जारी किया है।
राज्य स्वास्थ्य समिति के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी लोकेश कुमार सिंह ने सभी चिकित्सा महाविद्यालय अस्पतालों के अधीक्षकों और जिलों के सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारियों को पत्र भेजकर स्पष्ट किया है कि पात्र श्रेणियों के मृतकों के परिजनों को शव वाहन फ्री उपलब्ध कराया जाए।
पत्र में कहा गया है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में हुई मृत्यु, प्राथमिकता प्राप्त राशन कार्डधारी परिवारों के सदस्य, दुर्घटनाग्रस्त मृतक तथा पुलिस द्वारा अंत्यपरीक्षण हेतु लाए गए शवों के मामलों में शव वाहन फ्री देना अनिवार्य है।
इसके बावजूद कई जिलों से शिकायतें मिल रही हैं कि गरीब और निःसहाय परिवारों को यह सुविधा समय पर नहीं मिल पा रही है। समिति ने निर्देश दिया है कि यदि 102 शव वाहन उपलब्ध न हो या वाहन खराब हो, तो संबंधित अस्पताल प्रशासन किराये का वाहन उपलब्ध कराएगा।
इसके लिए अधिकतम 2000 रुपये तक का भुगतान किया जाएगा। स्वास्थ्य समिति ने चेतावनी दी है कि शव वाहन उपलब्ध नहीं कराने या निर्देशों की अवहेलना पाए जाने पर दोषी पदाधिकारियों को निलंबित किया जाएगा। निर्देश की प्रतिलिपि सभी जिला पदाधिकारियों को भेजी गई है। |
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