रेखा गुप्ता ने दिल्ली जल बोर्ड की 2100 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र स्थित टोडापुर में प्रदेश की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली जल बोर्ड की 2100 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए काम करती है।
उन्होंने कहा कि बेहतर जल प्रबंधन व्यवस्था बनाना ‘विकसित दिल्ली’ के लक्ष्य के लिए बहुत जरूरी है। इस अवसर पर नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज, जल मंत्री प्रवेश वर्मा, राजेंद्र नगर के विधायक उमंग बजाज सहित अनेक व्यक्ति मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और आधुनिक सीवरेज प्रणाली विकसित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जिन परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया है, वे न केवल जलापूर्ति क्षमता को बढ़ाएंगी, बल्कि दिल्ली को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इन परियोजनाओं से बड़ी संख्या में लोगों को बेहतर जलापूर्ति मिलेगी, आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट की सुविधा बढ़ेगी और यमुना को साफ करने में मदद मिलेगी।
परियोजनाएं पूरी होने के बाद सीवेज साफ करने की क्षमता बढ़ेगी और बिना साफ किया हुआ गंदा पानी यमुना में जाने से रुकेगा। साथ ही, जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी, जिससे लोगों को नियमित और पर्याप्त पेयजल मिल सकेगा। जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि सरकार जलापूर्ति और सीवर जैसी जरूरी सेवाओं को आधुनिक, मजबूत, ज्यादा प्रभावी और पूरी तरह लोगों की जरूरतों के अनुसार बनाने के लिए काम कर रही है।
एमनेस्टी स्कीम में व्यावसायिक उपभोक्ता भी शामिल
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि जल उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए लागू की गई एमनेस्टी स्कीम में अब व्यावसायिक उपभोक्ताओं को भी शामिल किया जा रहा है। साथ ही इस योजना को अगस्त तक बढ़ा दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ 3.52 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने लिया, जिसके अंतर्गत पेनल्टी, ब्याज और सरचार्ज माफ कर लगभग 1400 करोड़ रुपये की राहत दी गई तथा दिल्ली जल बोर्ड को 484 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
अब इस योजना को अगस्त तक बढ़ाने के साथ-साथ व्यावसायिक उपभोक्ताओं तक भी विस्तारित किया जा रहा है, जिससे अधिक लोग लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े व्यावसायिक एवं गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए लेट पेमेंट सरचार्ज पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
इस निर्णय के तहत व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर वर्षों से जमा लगभग 74,293 करोड़ रुपये की पेनल्टी को पूरी तरह माफ किया जाएगा। इससे दिल्ली जल बोर्ड को इन उपभोक्ताओं से लगभग 285.2 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।
लोकार्पित (शुरू की गई) परियोजनाएं
1. नीलोठी-1 एसटीपी की क्षमता 40 एमजीडी से बढ़ाकर 60 एमजीडी की गई।
लागत- 373.21 करोड़ रुपये
2. पप्पनकलां फेज-1 एसटीपी की क्षमता 20 एमजीडी से बढ़ाकर 30 एमजीडी की गई।
लागत- 225.28 करोड़ रुपये
3. उत्तर पश्चिम दिल्ली में हैदरपुर (डब्ल्यूडब्ल्यू-II) की पुरानी पाइपलाइन बदली गई
लागत- 50.72 करोड़ रुपये
4. पीतमपुरा और उत्तर पश्चिम दिल्ली में हैदरपुर (डब्ल्यूडब्ल्यू-I) की पुरानी पाइपलाइन बदली गई
लागत- 19.44 करोड़ रुपये
जिन परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ
1. जलापूर्ति सुधार - चंद्रावल डब्ल्यूटीपी क्षेत्र (पैकेज 3)
लागत- 990 करोड़ रुपये
2. जलापूर्ति सुधार- चंद्रावल डब्ल्यूटीपी क्षेत्र (पैकेज 4)
लागत- 268.41 करोड़ रुपये
3. बेगमपुर क्षेत्र में घर-घर सीवर कनेक्शन (रोहिणी एसटीपी से जुड़ा)
लागत- 58 करोड़ रुपये
4. वजीराबाद क्षेत्र में घर-घर सीवर कनेक्शन (कोरोनेशन पिलर एसटीपी से जुड़ा)
लागत- 25.15 करोड़ रुपये
5. रणहौला क्षेत्र में घर-घर सीवर कनेक्शन (नीलोठी एसटीपी से जुड़ा)
लागत- 34.85 करोड़ रुपये
6. संत नगर क्षेत्र में घर-घर सीवर कनेक्शन (कोरोनेशन पिलर एसटीपी से जुड़ा)
लागत- 40.21 करोड़ रुपये
7. मोलड़बंद एसटीपी की क्षमता में वृद्धि (0.67 एमजीडी बढ़ाई जाएगी)
लागत- 14.71 करोड़ रुपये
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