प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, हरदोई। रिश्तों का खून हो रहा है। कारण अलग-अलग भले ही रहे, लेकिन मारने वाले अपने ही निकले। 10 से 17 तारीख के बीच भय और रंजिश की कहानी सामने आई। इस एक सप्ताह में पांच मौतें हुईं, जिनमें हर बार शिकार और आरोपित आपस में परिचित निकले।
पुरानी पारिवारिक रंजिश, अवैध संबंध, जुए के विवाद हर वजह जानलेवा साबित हुई। पुलिस ने सभी मामलों का राजफाश कर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
10 तारीख की सुबह बेहटागोकुल के ग्राम बलेहरा में अक्षय सिंह की परिवार के ही कुछ लोगों ने पीट-पीट कर हत्या कर दी। चार साल पहले उनके भाई अभय ने परिवार की ही चाची को भगाया था और उसी पुरानी रंजिश ने अक्षय की जान ले ली। उसी रात संडीला के ग्राम मीतौं में हुकुम सिंह यादव की झोपड़ी में सोते समय धारदार हथियार से हमला किया गया। सुबह उनका शव चारपाई पर पड़ा मिला।
जांच में पता चला कि हुकुम सिंह को उस महिला के पुत्र और उसकी मां ने मिलकर हत्या की, जिसके साथ उनके संबंध थे। शाहाबाद क्षेत्र के अमिरता में श्रीदेवी को उनके खेत पर हत्या कर दी गई। आरोपित वही गांव का व्यक्ति था, जो श्रीदेवी के पास उनके अवैध संबंधों के बारे में जानकारी होने से परेशान था।
इसी दिन दोपहर को लोनार थाना क्षेत्र के नकटौरा निवासी अनिल सिंह भदौरिया को धारदार हथियार से मार डाला गया। इस हत्या में जुए के पैसे के विवाद ने भूमिका निभाई, और आरोपी उनके ही सगे संबंधी थे। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
17 तारीख को पचदेवरा क्षेत्र के हथौड़ा गांव में अल्लाहगंज के अशोक बाबू की उनके दामाद मनमोहन ने हत्या कर दी। इन पांच हत्याओं में वजह अलग-अलग थी, लेकिन सभी मामलों में आरोपी और शिकार आपस में परिचित थे। 10 से 17 तारीख तक हुई इन पांच हत्याओं ने साफ कर दिया कि अक्सर जानलेवा घटनाओं के पीछे वही लोग होते हैं जिन्हें पीड़ित जानता है।
चाहे पुरानी पारिवारिक रंजिश हो, अवैध संबंध का बदला हो या जुए का विवाद, रिश्तेदार और परिचित ही खून के पीछे खड़े होते हैं। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि छोटी छोटी बात पर अपने ही इतनी बड़ी घटनाएं कर देते। पुलिस कार्रवाई तो कर रही है। पर परिवारों को भी इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
यह भी पढ़ें- ससुर की गोट में लगी रही रिवाल्वर, दामाद ने डंडे से पीटकर मार डाला; संपत्ति विवाद को लेकर की हत्या |
|