आवासन बोर्ड का HSVP में विलय को मंजूरी (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में कई दशकों से चल रहे हाउसिंग बोर्ड को भंग कर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में विलय को मंजूरी प्रदान कर दी है।
विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकारी संकल्प पेश करते हुए कहा कि आवासन बोर्ड और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण दोनों के कार्य लगभग एक समान हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि आवासन बोर्ड हरियाणा में कार्यरत सभी कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
यह संकल्प हरियाणा आवासन बोर्ड अधिनियम, 1971 की धारा 80 की उपधारा (1) के प्रविधानों के तहत पारित किया गया है। अब बोर्ड की सभी जिम्मेदारियां हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की होंगी। सरकार ने हाउसिंग बोर्ड को भंग करके इसका एचएसवीपी में विलय करने का प्रस्ताव सदन में पेश किया।
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सवाल किया कि ऐसा क्या कारण रहे हैं, जो सरकार इसे भंग करने जा रही है। सेक्टरों में आवंटन के लिए लॉटरी सिस्टम बंद होने से आम आदमी प्लाट खरीद नहीं सकता। अब यह सिर्फ प्रापर्टी डीलरों तक सीमित रह गया है। जवाब में सीएम सैनी ने कहा कि बोर्ड को मर्ज किया गया है। स्टाफ का भी ध्यान रखा गया है। किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी।
कांग्रेस विधायक रघुवीर कादियान ने हाउसिंग बोर्ड को बहाल रखने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि इसमें गरीबों के लिए मकान मिलने हैं। कांग्रेस की झज्जर से विधायक गीता भुक्कल ने भी हाउसिंग बोर्ड को बहाल रखने की मांग करते हुए कहा कि एचएसवीपी में नए सेक्टर कट नहीं रहे हैं। हाउसिंग बोर्ड रूरल एरिया में काफी बार प्रावधान किया था। रिटायरमेंट के बाद गांव में हाउसिंग बोर्ड की कालोनी बनती तो अच्छा जीवन हो सकता है। एचएसवीपी केवल अर्बन एरिया के लिए है। हाउसिंग बोर्ड सभी के लिए है।
हालांकि, सदन में विपक्ष के विरोध और हंगामे के बाद सरकार ने हाउसिंग बोर्ड को भंग करके हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में विलय का प्रस्ताव पारित कर दिया। |
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