सेमीकंडक्टर और एआइ हब के रूप में उभरोगा गौतमबुद्ध नगर। (AI Generated Image)
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। आत्मनिर्भर भारत के साथ देश को 2047 तक विकसित बनाने के संकल्प के साथ बढ़ रही केंद्र सरकार मेड इन इंडिया ब्रांड को मजबूत कर रही है। दूसरे देशों पर सेमीकंडक्टर चिप की निर्भरता समाप्त करने के लिए देश में इसके निर्माण में भी आत्मनिर्भरता के लक्ष्य पर काम हो रहा है।
गुजरात और असम में बाद उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर चिप के छठे संयंत्र की स्थापना इस दिशा में अहम कदम है। गौतमबुद्ध नगर वैश्विक पटल पर ईको सिस्टम के साथ आधुनिक तकनीकी के हब के तौर पर वैश्विक पटल पर अपनी पहचान भी मजबूत कर रहा है।
आईटी हब के रूप में पहचान
दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर ने शुरुआत में अपनी पहचान आइटी हब के तौर पर स्थापित की थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षाें में गौतमबुद्ध नगर में स्थापित इकाइयों से यहां उद्योग एवं तकनीकी के लिए पूरा ईको सिस्टम तैयार हो रहा है।
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इलेक्ट्रानिक कंपोनेंट से लेकर इलेक्ट्रानिक उत्पाद का निर्माण हो रहा है। देश में बनने वाले मोबाइल फोन में गौतमबुद्ध नगर की हिस्सेदारी 55 प्रतिशत है। इससे आगे बढ़कर गौतमबुद्ध नगर एआइ हब और सेमीकंडक्टर चिप निर्माण के साथ वैश्विक पटल पर अपनी पहचान को और मजबूत कर रहा है।
एएम ग्रुप के साथ एमओयू
देश की पहले एआइ कंप्यूट हब के लिए प्रदेश सरकार ने एएम ग्रुप के साथ एमओयू किया है। इसमें 2.5 लाख करोड़ का निवेश होगा। एक गीगावाट क्षमता के एआइ कंप्यूट हब में पांच लाख अत्याधुनिक हाई परफार्मेंस चिपसेट्स होंगे।
सेमीकंडक्टर चिप संयंत्र में सालाना 240000 यूनिट स्माल पैनल ड्राइवर आइसी, डिस्प्ले इंटीग्रेटेड सर्किट का निर्माण से विदेशों से चिप की निर्भरता कम होगी।
क्या है सेमीकंडक्टर?
सेमीकंडक्टर एक बेहद छोटी लेकिन और बेहद ताकतवर इलेक्ट्रानिक चिप होती है, जो आमतौर पर सिलिकान या जर्मेनियम जैसे तत्वों से बनाई जाती है. आसान शब्दों में समझें तो यही चिप किसी भी इलेक्ट्रानिक डिवाइस को सोचने, समझने और काम करने की क्षमता देती है
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