इमिग्रेशन संचालक गुरसेवक का फाइल फोटो।
जागरण संवाददाता, मोहाली। फेज-11 में इमिग्रेशन कंपनी संचालक 27 वर्षीय गुरसेवक की हत्या में मोहाली पुलिस ने चार और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। ये चारों नेपाल के रास्ते देश छोड़ने की फिराक में थे।
पुलिस ने उत्तर प्रदेश के हरदोई में सर्च ऑपरेशन चलाकर चारों को धर-दबोचा। एसपी जांच सौरभ जिंदल ने बताया कि विशेष जांच दल ने पहले केशव नाम के आरोपित को पकड़ा और उसकी निशानदेही पर बाकी तीन को गिरफ्तार किया गया।
आरोपित केशव समेत सौरभ, मोना, और सरवन को मोहाली जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने आगे की जांच के लिए रिमांड हासिल किया है। मामले की गहन जांच जारी है और अन्य संभावित आरोपितों की तलाश की जा रही है।
इससे पहले दो नाबालिगों समेत 12 आरोपित पकड़े जा चुके हैं। यानी अब तक 16 की गिरफ्तारी हो चुकी है। बाकी की तलाश जारी है। वारदात को अंजाम देने में 18 युवकों का नाम आया था।
यह वारदात 14 फरवरी को महाशिवरात्रि वाले दिन रात के समय हुई थी। लक्ष्मी नारायण मंदिर में पूजा कर लौट रहे 27 वर्षीय गुरसेवक सिंह ने दो गुटों के झगड़े को शांत करने की कोशिश की तो उसपर किरच से हमला किया गया था।
घायल गुरसेवक सिंह को फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। गुरसेवक मूलरूप से हरियाणा के फतेहाबाद का रहने वाला था और मोहाली में परिवार के साथ रह रहा था। |
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