फैक्ट्री में आग लगने के बाद रेस्क्यू में लगी टीम। फोटो: आर्काइव
जागरण संवाददाता, रेवाड़ी\दिल्ली। राजस्थान में खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद लगी आग में बुरी तरह झुलसे नाबालिग श्रमिक जुन्नू ने बुधवार रात को उपचार के दौरान दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड दिया।
जुन्नू बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के हरिसिद्धि अंचल के मुरारपुर गांव का रहने वाले थे। हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद स्वजन को सौंप दिया गया है।
विस्फोट के बाद फैक्ट्री में लग गई थी भीषण आग
दरअसल, खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के गारमेंट जोन में हेमंत शर्मा और हेमंत सचदेवा द्वारा अवैध तरीके से पटाखा फैक्ट्री चलाई जा रही थी। जबकि यह प्लाट गाजियाबाद के राजेंद्र कुमार के नाम पर कपड़े की फैक्ट्री के लिए आवंटित हुआ था।
अवैध पटाखा फैक्ट्री में अंदर से गेट बंद कर पटाखे बनाने का कार्य होता था। 16 फरवरी को 20 से ज्यादा श्रमिक काम कर रहे थे। तभी अचानक एक बाद एक तीन धमाके हुए और भीषण आग लग गई। कुछ लोग तो जान बजाकर किसी तरह भाग निकले लेकिन 11 श्रमिक अंदर ही फंस गए।
सात की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो श्रमिक अनूप व जुन्नू गंभीर रूप से झुलस गए थे। पांच दिन पूर्व अनूप की भी मौत हो गई थी। अब उपचार के दौरान जुन्नू की भी मौत गई। इस मामले में पुलिस की ओर से फैक्ट्री के मुख्य संचालक सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
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