deltin33 • 2025-11-11 00:37:18 • views 1268
जागरण संवाददाता, आगरा। यूं तो खेरिया एयरपोर्ट में आजादी से पूर्व फ्लाइट संचालित थीं। मगर, जिस तरीके से इस एयरपोर्ट का विस्तार और सुविधाएं बढ़नी चाहिए। इसके लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। यह कार्य वर्ष 2016 के बाद चालू हुआ। पहली बार एयरपोर्ट के विस्तार का प्रस्ताव बना। साथ ही नए सिविल एन्क्लेव के निर्माण पर भी फोकस किया गया। 579 करोड़ रुपये से दोनों कार्य हो रहे हैं। नया सिविल एन्क्लेव अक्टूबर 2026 में बनकर तैयार हो जाएगा। इसकेलिए धनाैली, बल्हैरा और अभयरपुरा की 60 हेक्टेयर भूमि की खरीद हुई है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान यह एक सैन्य हवाई अड्डा था। युद्ध के बाद इसे रायल इंडियन एयरफोर्स के सौंप दिया गया। 15 अगस्त 1947 को आगरा वायुसेना स्टेशन के रूप में इसकी स्थापना हुई। वर्ष 1950 में इसे घरेलू हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया गया। अगर वर्ष 1975 की बात की जाए तो इंडियन एयरलाइंस की अहम फ्लाइट संचालित होती थी। यह फ्लाइट नई दिल्ली-आगरा-खजुराहो-वाराणसी-काठमांडू की थी।
वक्त बदला लेकिन यहां फ्लाइट की संख्या अधिक नहीं हुई। इंडियन एयरलाइंस ने अपनी सभी फ्लाइट को बंद कर दिया तो इंडिगो कंपनी का प्रवेश हुआ। विगत दो साल में सबसे अधिक सात शहरों की फ्लाइट का संचालन हुआ है। वर्तमान में चार शहरों अहमदाबाद, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु फ्लाइट चल रही हैं। एयरपोर्ट के विस्तार और नए सिविल एन्क्लेव का निर्माण होने से यात्री सुविधाएं बढ़ जाएंगी। ऐसे में फ्लाइट की संख्या बढ़ने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। धनौली गांव की तरफ एयरपोर्ट का नया गेट बन रहा है। पार्किंग स्थल भी बनेगा। इससे आसपास के क्षेत्र का विकास और भी तेजी से होगा।
खेरिया एयरपोर्ट में यह होंगी सुविधाएं
- - 1400 यात्रियों के लिए वातानुकूलित टर्मिनल भवन
- - मल्टीलेवल पार्किंग होगी
- - नौ विमानों की पार्किंग क्षमता वाला एप्रन
- - 500 किलोवाट का सोलर एनर्जी प्लांट
- - 19 यात्री काउंटर की सुविधा
- - यात्री टर्मिनल भवन में यात्रियों के लिए डिजी यात्रा और सेल्फ चेक इन सुविधा भी मिलेगी।
- - इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 33 चार्जिंग प्वाइंट्स
- - टर्मिनल भवन से एयरक्राफ्ट में सीधे प्रवेश के लिए यात्री बोर्डिंग सुविधा भी होगी।
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