cy520520 • 2025-12-6 04:39:12 • views 618
विशेष उर्वरकों के लिए इन देशों का रुख कर रहा भारत- अनुप्रिया पटेल ने लोकसभा में दी जानकारी
पीटीआई, नई दिल्ली। पिछले कुछ महीनों में चीन द्वारा भारत को विशेष उर्वरकों के निर्यात पर रोक लगाने की खबरों के बीच, घरेलू कंपनियों ने आपूर्ति की कमी को पूरा करने के लिए बेल्जियम, मिस्त्र, जर्मनी, मोरक्को और अमेरिका में वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की ओर रुख किया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
लोकसभा में शुक्रवार को एक लिखित उत्तर में उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने स्पष्ट किया कि उर्वरक विभाग द्वारा देखरेख की जाने वाली पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) योजना से विशेष उर्वरक बाहर हैं।
अनुप्रिया ने पोषक तत्व प्रबंधन में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए भारतीय अनुसंधान निकायों द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।
भारतीय कृषि अनुसधान परिषद (आइसीएआर) और राज्य कृषि विश्वविद्यालय जैसे संस्थान स्वदेशी विकल्प विकसित कर रहे हैं, जिनमें जिंक ईडीटीए, बोरान मिश्रण, नैनो-उर्वरक और जिंक-घुलनशील बैक्टीरिया जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों से जैव-उर्वरक शामिल हैं।
एक अन्य प्रश्न के जवाब में अनुप्रिया पटेल ने कहा कि नैनो उर्वरकों की प्रभावकारिता का आकलन करने के लिए सरकार ने नैनो यूरिया पर केंद्रित एक परियोजना के लिए आइसीएआर के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
उन्होंने कहा कि कहा कि तीन नवंबर, 2025 को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के तहत पांच वर्षीय पहल को उर्वरक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और सहकारी समितियों द्वारा वित्त पोषित किया जाएगा।
इस पर 21.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कुछ पीएसयू और सहकारी यूरिया इकाइयों के लिए 2,300 रुपये प्रति टन की न्यूनतम निश्चित लागत को बहाल करने के संबंध में वित्त मंत्रालय में मुख्य सलाहकार (लागत) की रिपोर्ट की जांच कर रही है।
हरियाणा के सोनीपत में उर्वरक की कोई कमी नहीं
केंद्रीय उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने लोकसभा को सूचित किया कि हरियाणा के सोनीपत निर्वाचन क्षेत्र में चालू और पिछले फसल मौसम के दौरान उर्वरकों की कोई कमी नहीं रही है।
अपने लिखित उत्तर में नड्डा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने सोनीपत में यूरिया, डीएपी, म्यूरेट आफ पोटाश (एमओपी) और एनपीकेएस की उपलब्धता में किसी भी कमी की सूचना नहीं दी है।
वहीं, उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया कि तेलंगाना में 2025 खरीफ सीजन के दौरान यूरिया की उपलब्धता पर्याप्त थी, एक अप्रैल से 30 सितंबर के बीच 9.80 लाख टन की आवश्यकता के मुकाबले 10.28 लाख टन की आपूर्ति की गई। |
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