जागरण संवाददाता, बांदा। मरका थाने से एक किलोमीटर दूर किराए के मकान पर जिस डायल 112 के सिपाही गौरव यादव ने 14 जनवरी को तवे से हमला कर अपनी इकलौती बेटी परी की हत्या कर दी थी ,पत्नी शिवानी को मारणासन्न कर दिया था। उसका शव छठवें दिन सोमवार सुबह यमुना नदी में पुल से 400 मीटर दूर उतराता मिला है।
एसआइ दुर्ग विजय सिंह ने गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला है। वारदात के बाद से गोताखोर व एसडीआरएफ टीम राज्य आपदा मोचन बल सिपाही के शव की खोज कर रही थी। सिपाही को खोजने के लिए थाना निरीक्षक मिथिलेश सिंह टीम के साथ उसके पैतृक गांव फर्रुखाबाद के ग्राम कुइंया बूट जाने के लिए रविवार रात रवाना हुए थे। शव सब मिलने की सूचना थाना निरीक्षक को फोन से दी गई है इससे वह कानपुर से वापस लौट रहे हैं। |