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अदालत ने पुलिस को दिए जांच करने के निर्देश, कानपुर पुलिस जांच को पहुंची दून. Concept Photo
जागरण संवाददाता, देहरादून। नगर निगम देहरादून से जारी बताए जा रहे एक मृत्यु प्रमाण पत्र को कानपुर की एक अदालत में लगाए जाने का मामला सामने आया है। प्रमाण पत्र पर संदेह होने के बाद अदालत ने पुलिस को जांच के निर्देश दिए। इसके बाद कानपुर पुलिस जांच के लिए नगर निगम देहरादून पहुंची, जहां प्राथमिक जांच में प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया।
जानकारी के अनुसार, कानपुर पुलिस इदरीश नाम से जारी एक मृत्यु प्रमाण पत्र का सत्यापन कराने नगर निगम पहुंची थी। जांच के दौरान पाया गया कि यह प्रमाण पत्र नगर निगम देहरादून से जारी ही नहीं हुआ है। न तो इसका कोई रिकार्ड नगर निगम के रजिस्टर में मिला और न ही संबंधित दस्तावेज उपलब्ध पाए गए।
इसके अलावा प्रमाण पत्र पर लगी दोनों मोहरें आपस में अलग-अलग पाई गईं, जिससे फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई। नगर निगम प्रशासन के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य अनुभाग ने भी अपनी स्तर से जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट कानपुर पुलिस को सौंपी जाएगी, ताकि आगे की विधिक कार्रवाई की जा सके।
पहले भी सामने आ चुके हैं फर्जी प्रमाण पत्र के मामले
नगर निगम देहरादून से फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि जालसाज ऐसे फर्जी दस्तावेजों को अदालतों में लगाने से भी नहीं हिचक रहे हैं। नगर निगम प्रशासन ने ऐसे मामलों पर सख्ती बरतने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। फिलहाल नगर निगम और कानपुर पुलिस की संयुक्त जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्यूआर कोड ने खोली जालसाजी की पोल
जांच में यह भी सामने आया कि जालसाजों ने प्रमाण पत्र को तकनीकी रूप से काफी सफाई से एडिट किया था। मुहर और नगर निगम रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर भी देखने में असली जैसे प्रतीत हो रहे थे। हालांकि, प्रमाण पत्र में लगी क्यूआर कोड की जांच के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ में आया।
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