जागरण संवाददाता, लखनऊ। दुबग्गा में प्लाट की कब्जेदारी और रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने सोमवार को दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
वहीं, मामले में किसने लापरवाही बरती, इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं। पुलिस उपायुक्त पश्चिमी विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच सहायक पुलिस आयुक्त बाजारखाला को सौंपी गई है। सात दिन में रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दुबग्गा में प्लाट पर कब्जेदारी को लेकर दो महीने से विवाद चल रहा था। वादी और प्रतिवादी पक्ष दोनों तरफ से सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) काकोरी तक शिकायत की गई थी, लेकिन उनकी तरफ से मामले में गंभीरता नहीं दिखाई दी और भाजपा नेताओं के दबाव में मामले को टरकाते रहे।
खानापूर्ति के नाम पर दोनों पक्षों को पाबंद करवा दिया, लेकिन मुकदमा नहीं दर्ज किया। पीड़ित पक्ष की तरफ से जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की गई, तो एसीपी काकोरी ने रिपोर्ट लगाकर भेज दी थी।
इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को काम न करने के लिए कहा, लेकिन भाजपा नेता के कहने पर एक पक्ष ने काम शुरू कर दिया, जिसे लेकर रविवार को एक पक्ष ने हमला कर दिया। इस मामले में विस्तृत जांच के लिए एसीपी बाजारखाला को लगाया गया है।
उनसे सात दिन में रिपोर्ट मांगी गई है, ताकि पता चल सके कि किसकी लापरवाही से यह हुआ है और उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही तीन टीमों को आरोपियों की तलाश में लगाया गया है। फुटेज की मदद से गोली चलाने वालों की तलाश की जा रही है।
गिरफ्तार दोनों आरोपितों को भेजा जेल
इंस्पेक्टर दुबग्गा अभिनव वर्मा ने बताया कि मामले में विक्रांत साहू और फहद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस अन्य नामजद आरोपितों की विवाद के दौरान घटनास्थल पर मौजूदगी को लेकर भी पड़ताल कर रही है।
इसके लिए सीसी कैमरों और वायरल वीडियो को खंगाला गया, जिसमें एक युवक द्वारा एक बार फायरिंग की पुष्टि हो रही है। टीन शेड पर ईंट बरसाए जाने की आवाज को फायरिंग बताया जा रहा है।
यह था मामला
दुबग्गा में एसीपी कार्यालय के सामने अमीनाबाद निवासी फहाम जहीर का प्लाट है, जिस पर कब्जेदारी को लेकर और रंगदारी की मांग को लेकर विवाद चल रहा है। विवाद के चलते रविवार को दिनदिहाड़े दबंगों ने दहशत फैलाने के लिए प्लाट पर जाकर हवाई फायरिंग की और प्लाट पर काम कर रहे मजदूरों पर और टीन शेड पर ईंट बरसाए।
इस मामले में पुलिस ने बेगरिया गांव निवासी इस्लाम उर्फ ओलू, सुफियान, सत्येंद्र रावत, विक्रांत साहू, तीरथ राम, सौरव रावत, उमेश रावत उर्फ मूसा, सनी खान समेत 15 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। |