सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, देहरादून। आखिरकार दून की हवा का रुख अब बदलने लगा है। लगातार 46 दिन तक खराब हवा में सांस लेने के बाद दून को अब सुकून की सांस नसीब होने लगी है। रविवार 18 जनवरी को लंबे अंतराल के बाद दून की हवा सुरक्षित श्रेणी में पाई गई।
सोमवार को भी यह आंकड़ा 100 से नीचे रहा, जिसका औसत आंकड़ा बुधवार को जारी होगा। एक्यूआइ (एयर क्वालिटी इंडेक्स) के 65 के इर्दगिर्द आने पर उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली।
दून यूनिवर्सिटी में लगाए गए इंस्ट्रूमेंट में एक्यूआइ आमतौर पर 55 से 60 के बीच रहता है। जिसका मतलब यह हुआ कि हवा की गुणवत्ता सुरक्षित श्रेणी में रहती है। हालांकि, जब सर्दियों के मौसम ने जोर पकड़ा तो हवा के संतोषजनक रुख ने साथ छोड़ दिया।
आठ दिसंबर के बाद 46 दिन तक ऐसा कोई समय नहीं रहा, जब एक्यूआइ चुनौतीपूर्ण न पाया गया हो। यहां तक कि नये साल के पहले दिन भी दून ने खराब हवा में सांस ली।
तब से अब तक एक्यूआइ छह से अधिक बार 300 का आंकड़ा पार कर गया, जबकि बुरी श्रेणी वाले 200 के आंकड़े ने आठ से अधिक बार सीमा लांघी।
इन खराब हवा वाले दिनों से पहले आखिरी बार दून ने सुकून की सांस आठ दिसंबर को ली थी। हालांकि, अब फिर से हवा साफ होने से राहत मिलने लगी है।
सर्दियों में अधिक नमी देखने को मिल रही थी। जिससे प्रदूषण कण वापस वायुमंडल में जाने की जगह नमी में जकड़कर वायु प्रदूषण की मात्रा बढ़ा रहे थे। अब जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, वायु प्रदूषण का स्तर निरंतर कम होने लगेगा।
- अमित पोखरियाल, क्षेत्रीय अधिकारी (उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड)
हालिया दिनों में एक्यूआइ
| तिथि | एक्यूआइ | | 18 जनवरी | 65.79 | | 17 जनवरी | 88.54 | | 16 जनवरी | 110.59 |
एक्यूआइ के मुताबिक हवा का हाल
- शून्य से 50, अच्छा
- 51 से 100, संतोषजनक
- 101 से 200, मध्यम
- 201 से 300, बुरी
- 301 से 400 बहुत बुरी
- 401 व अधिक, अति गंभीर
यह भी पढ़ें- AQI in Prayagraj : शहर के वायु प्रदूषण में कमी, एक्यूआइ 200 के नीचे आया, विशेषज्ञों ने कहा- यह राहत स्थायी नहीं है
यह भी पढ़ें- Kanpur Pollution: कानपुर काले धुंध की चादर में लिपटा, सबसे ज्यादा प्रदूषण नेहरू नगर में |