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पायरेटेड कंटेंट दिखाने पर कापीराइट कानूनों के उल्लंघन पर हो सकती है कार्रवाई. Concept Photo
वीरेंद्र भंडारी, रुद्रपुर। अगर आप पिकाशो के साथ ही इसकी तरह अन्य एप पर फ्री मूवी देख रहे हैं, तो सावधान हो जाए। इसके इस्तेमाल से जहां मोबाइल का डाटा खतरे में पड़ सकता है, वहीं बैंकिंग जानकारी भी चोरी हो सकती है। साथ ही एप पर पायरेटेड कंटेंट दिखाए जाने से कापीराइट कानूनों का उल्लंघन के तहत कार्रवाई भी हो सकती है। इसे देखते हुए पुलिस महकमा लोगों को इस तरह के एप से दूर रहने की सलाह देने के लिए इंटरनेट मीडिया में जन जागरूकता चला रहे है।
वर्तमान में हर काम आनलाइन हो रहा है। यहां तक की लोग मूवी भी अब मोबाइल में देख रहे है। इसके लिए पिका-शो के साथ ही कई नए-नए एप आ चुके हैं, जिसे लाखों लोग अपने मोबाइल पर डाउनलोड कर फ्री में मूवी देख रहे हैं, लेकिन अब पिका-शो में मूवी देखना भारी पड़ सकता है। पायरेटेड कंटेंट होने के कारण यह जहां अपराध है, वहीं सारा डाटा भी साइबर ठगों के पास पहुंच सकता है। जिसके बाद वह बैंक से जुड़ी जानकारी लेकर खाता खाली कर सकते है।
ऐसे में साइबर थाना पुलिस के साथ ही जिला पुलिस लोगों को इस तरह के एप से सावधान रहने और वैध प्लेटफार्म का भी प्रयोग करने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही पुलिस ने आम जनता को साइबर अपराध के प्रति आगाह करते हुए पिका-शो और अन्य इसी तरह के पायरेटेड मूवी एप के बढ़ते खतरों के प्रति चेतावनी जारी की है।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि पुलिस मुख्यालय से जारी निर्देशानुसार इन अवैध एप का उपयोग न केवल कानूनी रूप से अपराध है, बल्कि यह निजी जानकारी और जमापूंजी के लिए भी बड़ा खतरा है। यह साइबर ठगों का हथियार है। यह एप आधिकारिक स्टोर (जैसे गूगल, प्ले स्टोर या एप्पल एप स्टोर) पर मौजूद नहीं हैं। इसलिए इन्हें डाउनलोड करते समय मोबाइल की सुरक्षा सेटिंग्स को बंद करना पड़ता है। इसका फायदा उठाकर साइबर अपराधी फोन में स्पाइवेयर या मैलवेयर डाल देते हैं। इससे डाटा चोरी और बैंक फ्राड का खतरा बना रहता है।
हो सकती है कानूनी कार्रवाई
पायरेटेड कंटेंट (बिना अनुमति के फिल्मों का प्रसारण) दिखाना और उसे बढ़ावा देना कॉपीराइट अधिनियम के तहत गंभीर अपराध है। ऐसे एप का प्रचार-प्रसार करना या इनका उपयोग करना कानूनी मुश्किलों में डाल सकता है।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा की अपील और बचाव के टिप्स
- केवल विश्वसनीय प्लेटफार्म का ही प्रयोग करें।
- किसी भी अनजान लिंक से एपीके फाइल डाउनलोड न करें।
- अपने मोबाइल में एक अच्छा एंटी-वायरस रखें और प्ले प्रोटेक्ट को हमेशा आन रखें।
- साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 पर काल करें।
साइबर पुलिस की जांच में पाया गया है कि जब पिका-शो इंस्टाल करते हैं तो यह एसएमएस की अनुमति मांगता है। जिसके बाद यूजर्स के फोन में मौजूद मालवेयर ने बैंक से आए ओटीपी को अपराधी के सर्वर पर फॉरवर्ड कर दिया। यूजर को पता भी नहीं चला और उसके खाते से पैसे साफ हो गए। कई यूजर्स ने शिकायत की है कि इस एप को इंस्टॉल करने के बाद उनके फोन पर अचानक से अश्लील विज्ञापन आने लगते हैं। कुछ मामलों में, यह एप बैकग्राउंड में प्रीमियम एसएमएस सेवाओं को खुद-ब-खुद सब्सक्राइब कर देता है, जिससे यूजर के मोबाइल बैलेंस से पैसे कटते रहते हैं।
पिकाशो एप का इस्तेमाल से मोबाइल का डाटा खतरे में पड़ सकता है, वहीं बैंकिंग जानकारी भी चोरी हो सकती है। एप पर पायरेटेड कंटेंट दिखाए जाने से कापीराइट कानूनों का उल्लंघन के तहत कार्रवाई भी हो सकती है। पुलिस मुख्यालय से निर्देश जारी हुए है कि इन अवैध एप का उपयोग न केवल कानूनी रूप से अपराध है, बल्कि यह निजी जानकारी और जमापूंजी के लिए भी बड़ा खतरा है। यह साइबर ठगों का हथियार है।
- मणिकांत मिश्रा, एसएसपी, ऊधम सिंह नगर
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