पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि बेटियां महिला कमांडो के रूप में भी अपनी उपयोगिता साबित करेंगी।
राकेश श्रीवास्तव, जागरण, वाराणसी। आधी आबादी के लिए कई मायनों में खास होगा 77 वां गणतंत्र दिवस। 26 जनवरी को राष्ट्रीय पर्व के कार्यक्रम में महिला कमांडो दस्ता कमिश्नरेट पुलिस को समर्पित किया जाएगा। मिशन शक्ति को समर्पित 26 जनवरी की सुबह पुलिस लाइन में मार्च पास्ट, परेड करती बेटियाें को लोग पहली बार ब्लैक कमांडो के रूप में देखेंगे। शुक्रवार को महिला कमांडो पहली बार काली वर्दी में उतरीं तो उनकी तेजी देखते ही बन रही थी।
पुलिस लाइन में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के इतिहास में पहली बार कमिश्नरेट प्रशासन ने 77 वें राष्ट्रीय पर्व का थीम ‘मिशन शक्ति’ (बेटियों को समर्पित) रखा है। राष्ट्रीय पर्व पर आयोजित होेने वाले कार्यक्रम में अबकी खास यह होगा कि घुड़सवारी, बाइकर्स, अग्निशमन, बम डिस्पोजेबल दस्ता समेत सभी 16 टोलियां महिलाओं की होंगी। इन टोलियों की कमांडर भी महिला पुलिस ही होंगी।
300 महिलाओं की 24 टोली में (पांच से साढ़े फीट ऊंचाई की बेटियां) का महिला कमांडो दस्ता पहली बार पुलिस कमिश्नरेट को समर्पित होगा, जो अपने प्रदर्शन का लोहा मनवाएगा। राष्ट्रीय पर्व पर सफल आयोजन के बाद बेटियाें के सम्मान में पुलिस कमिश्नर ने उनके साथ लंच की व्यवस्था की है। रात में सभी को देश भक्ति पर आधारित और बीते 23 जनवरी को रिलीज हुई फिल्म बार्डर टू दिखाया जाएगा। बेटियों के लिए पूरा हाल बुक है, जिसमें दूसरे किसी की एंट्री नहीं होगी।
अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था के अधीन होगा कमांडो दस्ता
कमिश्नरेट पुलिस को समर्पित पहला कमांडो दस्ता अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था व मुख्यालय (डीआइजी) शिवहरि मीणा के अधीन होगा। इनकी नियमित ट्रेनिंग, असलहों का अलाटमेंट, आपरेशन की जिम्मेदारी सबकुछ डीआइजी ही देखेंगे। पुलिस कमिश्नरेट में महिला कमांडो की जरूरत इधर महसूस की जाने लगी थी।
बेटियां महिला कमांडो के रूप में भी अपनी उपयोगिता साबित करेंगी। 77 वें गणतंत्र दिवस पर बेटियाें के परेड, मार्च पास्ट व विभिन्न तरह के करतब के बीच राष्ट्रीय पर्व की खुशियां चरम पर होंगी। दस जनवरी से शुरू नियमित प्रैक्टिस में महिला पुलिसकर्मी खुद से निर्धारित समय पर पहुंच रहीं। इस दस्ते को मजबूत करने की तैयारी है। -
मोहित अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर। |
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