वाहनों की बिक्री में उछाल। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, बक्सर। जिले में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बीते वर्ष राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में देखें, तो वाहनों की संख्या में 7.76%, जबकि बिहार में प्रदेश स्तर पर 8.01% की वृद्धि हुई है। इसके मुकाबले बक्सर में संख्या के आधार पर वाहनों की बिक्री में 17.50% की उछाल दर्ज की गयी।
इस तरह से देखें, तो जिले में निजी वाहन की सवारी करने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। 23 जनवरी 2026 तक जिले में कुल निबंधित वाहनों की संख्या 1,83,395 हो चुकी है। दिलचस्प यह भी है कि इनमें से डेढ़ लाख से अधिक अकेले दोपहिया वाहन हैं। प्रस्तुत है बक्सर से शुभ नारायण पाठक की एक रिपोर्ट...
वाणिज्यिक वाहनों में सबसे अधिक ट्रैक्टर
वाणिज्यिक वाहनों में ट्रैक्टर (व्यावसायिक) की संख्या 5,699 सबसे अधिक है, उसके बाद ट्रेलर (व्यावसायिक) 4,950, ई-रिक्शा (यात्री) 4,737 और तीन पहिया (यात्री परिवहन) 4,557 हैं। अन्य प्रमुख वाणिज्यिक श्रेणियों में गुड्स कैरियर (3,471), मोटर कैब (772) और बस (705) शामिल हैं।
ई-रिक्शा और तीन पहिया वाहनों की अच्छी-खासी मौजूदगी स्थानीय यातायात और छोटे व्यवसायों में इनकी उपयोगिता को दर्शाती है, जबकि बड़े वाहन जैसे बस और मैक्सी कैब की संख्या अपेक्षाकृत कम है।
पेट्रोल से चलने वाले वाहनों की संख्या सबसे अधिक
ईंधन के आधार पर देखें तो पेट्रोल से चलने वाले वाहन सबसे अधिक 1,44,420 हैं, जो कुल का लगभग 78.75% है। डीजल वाहन 25,714 (14.02%) हैं, जबकि इलेक्ट्रिक/बैटरी चलित वाहनों की संख्या करीब 5,778 (लगभग 3.15%) है, जिसमें प्योर इलेक्ट्रिक भी शामिल हैं।
सीएनजी और हाइब्रिड जैसे विकल्पों की संख्या अभी सीमित है, लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों में धीरे-धीरे वृद्धि दिख रही है, जो पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संकेत दे सकती है।
पर्यावरण मानकों के दृष्टिकोण से बेहतर स्थिति
प्रदूषण मानकों के अनुसार जिले में भारत स्टेज 6 (बीएस-छह) वाहन सबसे अधिक 79,254 हैं, जो कुल का 43.21% है। बीएस-चार वाहन 51,557 और बीएस-तीन वाहन 38,463 हैं, जबकि पुराने मानकों (बीएस-दो आदि) वाले वाहन बहुत कम हैं।
यह आंकड़ा दर्शाता है कि जिले में नए और कम प्रदूषण वाले वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जो पर्यावरण मानकों के अनुपालन की ओर सकारात्मक कदम है।
कुछ रोचक तथ्य
- 78.75% है पेट्रोल वाले वाहनों की हिस्सेदारी
- 14.02% है डीजल वाले वाहनों की हिस्सेदारी
- 3.15% हो चुकी है इलेक्ट्रिक और बैटरी चालित वाहनों की भागीदारी
- 43.21% है बीएस छह मानक वाले वाहनों की हिस्सेदारी
किस वाहन की कितनी संख्या (पंजीकरण के अनुसार)वाणिज्यिक श्रेणी
- ट्रैक्टर (व्यावसायिक) - 5,699
- ट्रेलर (व्यावसायिक) - 4,950
- ई रिक्शा (यात्री) - 4,737
- तीन पहिया (यात्री परिवहन) - 4,557
- गुड्स कैरियर - 3,471
- मोटर कैब - 772
- बस - 705
- तीन पहिया (माल ढुलाई) - 326
- ई रिक्शा (माल) - 120
- मैक्सी कैब - 43
- ओमनी बस - 31
- एंबुलेंस - 17
- एंटीकुलेटेड वाहन - 16
- दमकल - 3
- ट्रैक्टर ट्राली (व्यावसायिक) - 1
निजी/अन्य श्रेणी
- मोटर साइकिल/स्कूटर - 1,45,978
- मोटर कार - 6,541
- कृषि ट्रैक्टर - 3,510
- मोपेड - 593
- निर्माण उपकरण वाहन - 230
- मोटर साइकिल/स्कूटर साइड कार सहित - 161
- हार्वेस्टर - 179
- ट्रेलर (कृषि) - 124
- मोटर चालित साइकिल - 34
- प्राइवेट सर्विस वाहन - 2
- ओमनी बस निजी - 2
- अनुकूलित वाहन - 1
- कैंपर वाहन - 1
- ईंधन के आधार पर वाहनों की संख्या
- पेट्रोल - 1,44,420
- डीजल - 25,714
- इलेक्ट्रिक (बैटरी चलित) - 4,965
- पेट्रोल/इथेनाल - 4,687
- ईधन रहित - 1,239
- प्याेर इलेक्ट्रिक - 813
- सीएनजी - 464
- पेट्रोल/सीएनजी - 332
- पेट्रोल/हाइब्रिड - 124
- पेट्रोल (यूरो 20)/सीएनजी - 17
- डीजल/हाइब्रिड - 13
- पेट्रोल (यूरो 20)/हाइब्रिड - 8
- पेट्रोल/एलजीपी - 4
- स्ट्रांग हाइब्रिड ईवी - 3
- इथेनाल - 1
प्रदूषण मानक के आधार पर
- भारत स्टेज 6 - 79,254
- भारत स्टेज 4 - 51,557
- भारत स्टेज 3 - 38,463
- अवर्गीकृत - 6,667
- भारत स्टेज 3 ए (ट्रैक्टर) - 4,811
- भारत स्टेज 2 - 724
- भारत स्टेज 3 (कंस्ट्रक्शन) - 646
- भारत स्टेज 3 (ट्रैक्टर) - 144
- भारत स्टेज 3 (ट्रैक्टर) - 129
- यूरो दो - 83
- भारत स्टेज 4/6 - 81
- यूरो तीन - 77
- भारत स्टेज 4 (कंस्ट्रक्शन) - 50
- यूरो चार - 37
- भारत स्टेज 1 - 36
- भारत स्टेज 5 (कंस्ट्रक्शन) - 25
- यूरो एक - 15
- भारत स्टेज 3/4 - 4
- यूरो छह ए - 1
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