विनायक धार से आगे पिंडारी सड़क अभी भी आवागमन के लिए बंद. Jagran
जागरण संवाददाता, बागेश्वर। हिमालयी गांवों का जन जीवन हिमपता के कारण अस्त-व्यस्त हो गया है। जांतोली तथा खाती के आसपास बादल छाते ही हिमपात होने लगता है। पिंडारी मोटर मार्ग विनायक से आगे बंद है। जिसके कारण स्थानीय लोग दूसरे तथा तीसरे दिन घर पहुंच पा रहे हैं। बिजली, पानी संचार सेवाएं भी पूरी तरह पटरी से उतरीं हैं।
खाती, वाछम, जांतोली, किलपारा सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। खाती से ऊपर के इलाकों में हिमपात होने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इससे क्षेत्र में आवाजाही ठप हो गई है। विनायक से आगे बर्फ जमने के कारण सड़क पूरी तरह बंद है। सड़क खोलने के लिए मशीनें भेजे जाने की बात कही जा रही है, लेकिन अब तक लोडर मशीनें मौके पर नहीं पहुंच सकी हैँ। बीते दो दिनों से कई ग्रामीण मार्ग बंद होने के कारण फंसे हुए थे।
वह जान जोखिम में डालकर पैदल दो दिन बाद अपने घर पहुंचे हैं। उन्होंने विनायक नामक स्थान पर होटल में रात बिताई। स्थानीय निवासी यामू सिंह ने कहा कि खाती, बदियाकोट आदि गांवों के लोग फंसे हुए थे। वह अपराह्न दो बजे तक अपने घर पहुंच गए हैं। जिसमें प्रकाश, उसकी पत्नी तथा बच्चे थे। इसके अलावा किलपारा के भगत सिंह दानू, पुष्पा देवी भी गांव लौट रहे थे। वह भी एक दिन रास्ते में ही फंसे रहे। उन्होंने बताया कि बादल छाते ही हिमालयी गांवों में वर्षा की तर्ज पर बर्फबारी हो रही है।
बिजली, पानी, संचार सेवाएं ठप
लगातार हिमपात के कारण क्षेत्र में बीते तीन दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। बर्फ के दबाव से विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। वहीं, पानी की आपूर्ति भी बाधित है। पानी नलों में जम गया है। संचार सेवा बाधित है। पिंडर घाटी में लगे अधिकतर टावरों ने काम करना बंद कर दिया है। जिसके कारण लोग एक दूसरे से संपर्क नहीं साध पा रहे हैं। इसके अलावा खाती सड़क फिसलन भरी हो गई है।
पिछले आपदा में ध्वस्त सड़क का अभी तक मरम्मत नहीं हो सकी है। सड़क पर छोटे वाहनों का संचालन भी जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सड़क खोलने, बिजली आपूर्ति तथा संचार सेवा बहाल करने की मांग की है। इधर, जिला आपदा अधिकारी शिखा सुयाल ने कहा कि सड़क, बिजली आदि सेवाओं को सुचारू किया जा रहा है। |
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