पहाड़ों में बर्फ की मार बरकरार, पर्यटकों के हुजूम से लग रहा जाम. Concept Photo
जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना हुआ है और दिनभर तेज धूप खिलने से लोगों को ठंड से राहत मिल रही है। हालांकि सुबह और शाम के समय ठंड अब भी कड़ाके की बनी हुई है। वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज अब भी बदला हुआ है। कहीं-कहीं आंशिक बादल छाए हुए हैं और ऊंची चोटियों पर हल्के हिमपात के दौर जारी हैं। आज ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना रह सकता है और कल प्रदेश के कई इलाकों में भारी ओलावृष्टि व अंधड़ की चेतावनी जारी की गई है।
शुक्रवार को हुई भारी बर्फबारी के बाद से पहाड़ी क्षेत्रों में दुश्वारियां अब भी कम नहीं हुई हैं। कई स्थानों पर बर्फ जमने से सड़कें फिसलन भरी बनी हुई हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क कई जगह कटा हुआ है। इसके साथ ही संचार व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित बनी हुई है। बर्फबारी के दो दिन बाद भी कई इलाकों में हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। मसूरी, धनोल्टी, चकराता समेत अन्य प्रमुख हिल स्टेशनों पर बर्फबारी का आनंद लेने के लिए पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
इससे कई मार्गों पर मीलों लंबा जाम लग रहा है और यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। पुलिस और प्रशासन यातायात को सुचारु रखने के प्रयासों में जुटा हुआ है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना रह सकता है। दोपहर या शाम के समय कहीं-कहीं आंशिक बादल छाने की संभावना है, जबकि ऊंची चोटियों पर हल्के हिमपात के आसार बने हुए हैं। मौसम विभाग ने ताजा पश्चिमी विक्षोभ के आज शाम तक सक्रिय होने का पूर्वानुमान जताया है। इसके प्रभाव से मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में ओलावृष्टि और अंधड़ की चेतावनी जारी की गई है।
देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत व ऊधमसिंह नगर जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि होने और 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने को लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग एवं अल्मोड़ा जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने के आसार हैं।
हेमकुंड बदरीनाथ धाम में बर्फबारी, ठंड बढ़ी
गोपेश्वर: चमोली जिले में मौसम का मिजाज बदला निचले स्थानों में हल्की बर्फबारी व बदरीनाथ हेमकुंड में बर्फबारी हुई है। बदरीनाथ धाम हेमकुंड साहिब व ऊंची चोटियों में बर्फबारी हुई है। निचले स्थानों पर सुबह बारिश हुई जिससे ठंड है। मौसम के बदले मिजाज से चमोली जिले में ठंड का प्रकोप है। हालांकि ठंड का उत्सव मनाने केलिए भारी संख्या में पर्यटक चमोली का रुख कर रहे हैं। बारिश व बर्फबारी फसलों के लिए बेहतर मानी जा रही है।
थल–मुनस्यारी मार्ग बहाल, तीन दिन बाद लौटी बिजली
बर्फबारी से बंद थल–मुनस्यारी मोटर मार्ग को तीसरे दिन यातायात के लिए खोल दिया गया है। मार्ग बहाल होने से मुनस्यारी में फंसे यात्रियों और स्थानीय लोगों को राहत मिली है। वहीं, रविवार को तीन दिन बाद नगर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति भी बहाल हो गई, जिससे मोबाइल संचार, बाजार और घरेलू कार्य धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। इधर, बर्फबारी के बाद चमोली में चोपता, नीति और बदरीनाथ हाईवे अब भी बंद हैं। नीति हाईवे मलारी से आगे और बदरीनाथ हाईवे हनुमानचट्टी से माणा तक अवरुद्ध है। गोपेश्वर–चोपता–ऊखीमठ मार्ग कांचुला खर्क से आगे बंद होने से पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, मंडल–कांचुला क्षेत्र में भारी बर्फबारी से पर्यटक उत्साहित नजर आ रहे हैं। बर्फबारी के कारण नीति क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप है और प्रदेश में अब भी 100 से अधिक गांव हिमाच्छादित हैं। |
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