कानपुर देहात के राजपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत क्षय रोगियों के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान 10 क्षय रोगियों को पोषण किट वितरित की गईं, जिसका उद्देश्य उन्हें बीमारी से बचाव के लिए जागरूक करना था।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में क्षय रोगियों को पोषाहार किट प्रदान की गईं। इन किटों में भुने चने, मूंगफली, सोयाबीन, दलिया, सत्तू, गुड़ और आयुष रक्षा किट शामिल थीं। पीएचसी अधीक्षक डॉ. सलिल सचान ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में क्षय रोगियों की जांच मुफ्त की जाती है और भारत सरकार मरीजों को निःशुल्क दवाएं भी उपलब्ध कराती है।
डॉ. सचान ने मरीजों को टीबी के लक्षणों के बारे में भी जागरूक किया। उन्होंने बताया कि दो हफ्ते से अधिक खांसी, लगातार बुखार, वजन घटना, सीने में दर्द, बलगम में खून और रात में अत्यधिक पसीना आना टीबी के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच करानी चाहिए।
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