







US Nurse Career: भारत में नर्स बनने के लिए BSc नर्सिंग करना पड़ता है। ये डिग्री हेल्थकेयर सेक्टर में नर्स की जॉब के लिए रास्ते खोल देती है। भारत के साथ-साथ दुनियाभर में नर्सों की डिमांड बढ़ रही है। हर देश में हेल्थकेयर पर ध्यान दिया जा रहा है, जिस वजह से नौकरियों के अवसर भी बढ़ रहे हैं। इस बीच बहुत सारी भारतीय नर्सें ऐसी हैं, जो अमेरिका में जाकर भी जॉब करना चाहती हैं। मगर उन्हें ये नहीं मालूम है कि अमेरिका में नर्स की जॉब किस तरह मिलेगी।भारतीय नर्सों का सवाल रहता है कि अगर उन्होंने भारत में BSc नर्सिंग की है, तो क्या उन्हें अमेरिका में इस आधार पर जॉब मिल सकती है? इमिग्रेशन एडवाइजर और स्टडी अब्रॉड एक्सपर्ट रितिका गुप्ता का कहना है कि अमेरिका में भारतीय नर्स के तौर पर काम करने के लिए क्वालिफिकेशन को बेहतर बनाना होगा और अपने इंटरनेशनल क्रेडेंशियल्स बनाने होंगे। ऐसे में आइए जानते हैं कि अमेरिका में भारतीय नर्सों को किस तरह काम मिलेगा। अमेरिका में नर्स की जॉब करने से पहले डिग्री का मूल्यांकन करवाना होगा। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि वीजा स्क्रीनिंग से भी गुजरना होगा। इसके अलावा लाइसेंसिंग एग्जाम में क्वालिफाई करना जरूरी है। साथ-साथ अच्छा वर्क एक्सपीरियंस होना भी अनिवार्य है। आइए सबसे पहले जानते हैं कि अमेरिका में भारतीय नर्सों को जॉब करने के लिए क्या-क्या करना होगा।हालांकि, अब यहां ये भी सवाल उठता है कि अगर किसी भारतीय नर्स को अमेरिका में जॉब चाहिए, तो उसे किन चीजों पर ज्यादा फोकस करना चाहिए? अपनी प्रोफाइल को बढ़िया बनाने का तरीका क्या है? नवभारतटाइम्स डॉट कॉम के सवाल का जवाब देते हुए रितिका गुप्ता ने कहा, 『ेरिका के अस्पताल और हेल्थकेयर रिक्रूटर अक्सर ऐसी नर्सों को काम पर रखना पसंद करते हैं जिनके पास अच्छा-खासा क्लिनिकल एक्सपीरियंस हो और जिन्होंने खास क्लिनिकल स्किल्स हासिल की हों।✩न्होंने आगे कहा, 『र आपके पास ज्यादा क्लिनिकल एक्सपीरियंस नहीं है, तो आपको किसी ऐसे अस्पताल में एक-दो साल का क्लिनिकल एक्सपीरियंस लेने की कोशिश करनी चाहिए जहां का प्रोग्राम बढ़िया और मान्यता-प्राप्त हो। शानदार मौके वाली फील्ड में मेडिकल-सर्जिकल यूनिट, क्रिटिकल केयर यूनिट, इमरजेंसी डिपार्टमेंट और इंटेंसिव केयर यूनिट शामिल हो सकते हैं, लेकिन ये यहीं तक सीमित नहीं हैं।〒्होंने कहा, 『नी क्लिनिकल स्किल्स को बेहतर बनाने के लिए 〞टीन्यूइंग प्रोफेशनल डेवलपमेंट✩CPD) के मौकों का फायदा उठाकर, आप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रैक्टिस करने के लिए भी बेहतर ढंग से तैयार हो सकेंगे। कुल मिलाकर क्लिनिकल एक्सपीरियंस, सर्टिफिकेशन और लाइसेंसिंग की जरूरतों को पूरा करने से आप अमेरिका में हेल्थकेयर एम्प्लॉयर्स द्वारा नौकरी पर रखे जाने के लिए एक बढ़िया उम्मीदवार बन जाएंगे।' |