cy520520 • 2025-10-19 14:37:28 • views 1263
674 चिह्नित सरकारी वाहनों में से केवल 46 ही गए गए चलन से बाहर
विकास गुसाईं, जागरण, देहरादून। पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखंड में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए सरकार गंभीरता से कदम उठा रही है। इसी क्रम में राज्य में 15 साल की समय सीमा पूरी कर चुके सरकारी वाहनों को परिचालन से बाहर करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। वर्तमान में ऐसे 674 सरकारी वाहन चिह्नित किए गए हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
इस पर विभागों की लापरवाही का आलम यह है कि इनमें से केवल 46 वाहन ही अभी तक स्क्रैप हो पाए हैं। केंद्र ने भी इस सूचना पर परिवहन विभाग को सभी विभागों से वाहन स्क्रैप कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश सरकार ने कुछ समय पहले पुराने वाहनों को चलन से बाहर करने के लिए स्क्रैप नीति लागू की है। सरकारी विभागों के वाहनों के लिए स्क्रैप नीति का अनुपालन करना अनिवार्य है। यद्यपि, निजी वाहनों के लिए यह व्यवस्था स्वैच्छिक आधार पर की गई है। इसके तहत निजी पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने पर वाहन स्वामी को नए वाहन के पंजीकरण पर अधिकतम 50 हजार रुपये तक की छूट का प्रविधान किया गया है। वहीं, पुराने व्यावसायिक वाहनों को स्क्रैप कराने पर नए व्यावसायिक वाहन के वार्षिक कर में आठ वर्ष तक 15 प्रतिशत की छूट देने का प्रविधान है।
वर्ष 2023 में प्रदेश में यह नीति लागू की गई थी। इसके बाद यह उम्मीद जताई गई थी कि कम से कम आयु सीमा पूरी कर चुके सरकारी वाहनों को चलन से बाहर कर दिया जाएगा। इसकी सूचना लगातार केंद्र सरकार को भी भेजी जा रही है। इस संबंध में नीति बनने के बावजूद विभाग अभी भी इस दिशा में सुस्ती दिखा रहे हैं।
वर्तमान में 674 ऐसे वाहनों की सूचना मिली है, जो बीते दो वर्षों में 15 वर्ष की आयु सीमा को पार कर चुके हैं। इनको स्क्रैप करने के संबंध में चुनिंदा विभागों ने ही रूचि दिखाई है। अभी तक केवल 46 वाहन ही स्क्रैप हो पाए हैं। 16 वाहनों के लिए विभाग को आवेदन प्राप्त हुए हैं।
यद्यपि अभी भी 612 वाहन ऐसे हैं, जिन्हें स्क्रैप किया जाना शेष है। अब केंद्र ने परिवहन विभाग से इस संबंध में शीघ्र कार्रवाई करने को कहा है। अपर आयुक्त परिवहन एसके सिंह का कहना है कि विभागों को पत्र जा रहे हैं कि वे नियमानुसार वाहनों को स्क्रैप करा लें। |
|