निवेशकों के हितों में शेयर बाजार संहिता में होगा बदलाव (फाइल फोटो)
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अर्थव्यवस्था के बढ़ते आकार और बाजार में निवेशकों व निवेश में भारी बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार शेयर बाजार संबंधी संहिता को सरल व पारदर्शी बनाने जा रही है। इसके तहत गुरुवार को संसद में सिक्युरिटी मार्केट्स कोड (एसएमसी) बिल, 2025 पेश किया गया। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
हालांकि इस बिल को वित्त से जुड़ी संसद की स्थायी समिति के पास भेज दिया गया। इसमें भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के सदस्यों की संख्या को नौ से बढ़ाकर 15 करने का प्रस्ताव रखा गया है। किसी भी फैसले के दौरान अगर सेबी के सदस्य का प्रत्यक्ष व परोक्ष हित है तो उसे भी सदस्यों को उजागर करना होगा।
क्या है बिल का उद्देश्य?
इस बिल का उद्देश्य शेयर बाजार, म्युचुअल फंड, बांड आदि से जुड़ी अलग-अलग संहिताओं को एक संहिता बनाना है ताकि यह संहिता निवेशकों की रक्षा के साथ पूंजी को इकट्ठा कर सके। पहले की संहिता दशकों पुरानी है और निवेश बाजार में हो रहे आधुनिक बदलावों को ध्यान में रखते हुए इस एसएमसी को बनाया गया है।
अलग-अलग संहिता होने की वजह से कई संहिताएं एक जैसी थीं, जिन्हें समाप्त कर दिया गया है। भाषा को सरल बनाया गया है ताकि निवेशक उसे आसानी से समझ सके। अनुपालन नियमों को कम किया गया है, टेक्नोलाजी को अपनाने पर जोर दिया गया है जिससे कारोबार व निवेश को आसान बनाया जा सके।
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