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अपने बयान से पलटी पूनम, चार नहीं एक बच्चे की हत्या का कुबूला गुनाह; मनोचिकित्सक का दावा-नहीं है साइको

cy520520 2025-12-19 11:07:10 views 983
  

पुलिस व मनोरोग विशेषज्ञ के सवालों का जवाब देती चार बच्चों की हत्यारोपित पूनम। जागरण



नंदकिशोर भारद्वाज, सोनीपत। तीन बच्चियों व अपने बेटे की डुबोकर हत्या करने वाली गांव भावड़ की पूनम साइको नहीं है। बुधवार और गुरुवार काे पूछताछ के बाद मनोरोग विशेषज्ञ ने पुलिस को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। डाॅक्टर को किसी भी तरह की मानसिक बीमारी नहीं मिली है। पूनम ने बुधवार को डाॅक्टर के सामने चारों बच्चों की हत्या करना स्वीकार किया था, लेकिन गुरुवार को दोबारा पूछताछ में वह अपने बयान से पलट गई और कहा कि उसने सिर्फ विधि की ही हत्या की है, बाकी के तीन बच्चे कैसे मरे, उसे नहीं पता। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
पहले मां, फिर पति और अंत में पूनम से पूछताछ

चिकित्सक के आसान सवालों को टालती रही और अधिकतर का गलत जवाब देकर गुमराह करती रही। गुरुवार को मनोरोग विशेषज्ञ डाॅ. संदीप आंतिल ने पुलिस की मौजूदगी में सबसे पहले पूनम की मां सुनीता से करीब 20 मिनट पूछताछ करते हुए पूनम के बचपन में स्वभाव और अन्य पहलुओं पर बात की। इसके बाद पूनम के पति नवीन को बुलाकर पूछताछ की।

सबसे अंत में डाॅक्टर ने पूनम को बुलाकर करीब आधे घंटे तक उससे करीब 50 से अधिक सवाल पूछे। फिर डाॅक्टर ने रिपोर्ट बनाकर पुलिस को सौंप दी। बरोदा थाना प्रभारी धर्मवीर ने बताया कि डाक्टर ने अपनी रिपोर्ट में पूनम को कोई मनोरोग नहीं होने की बात लिखी है।
सवाल का दिया संतुलित जवाब

गुरुवार को थाना बरोदा प्रभारी धर्मवीर पुलिसकर्मियों के साथ पूनम को लेकर नागरिक अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ डाॅ. संदीप आंतिल के पास पहुंचे। थाना प्रभारी, दो महिला व दो पुरुष पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में डाॅ. आंतिल ने पूनम का हालचाल पूछा और उसकी नींद व भूख के बारे में पूछा। इसके बाद जब वह जवाब देने लगी तो डाॅक्टर उसे एक सिच्युएशन देते हुए कहा कि अगर किसी नदी में आपके सामने कोई डूब रहा है तो उसे कैसे बचाओगी। इस पर पूनम ने पहले तो जवाब नहीं दिया, फिर बोली कि जो कुछ वहां पर मिलेगा, उसी से उसे बचाने के लिए मदद करूंगी। डाक्टर ने पूछा कि उसने चार बच्चों की हत्याओं क्यों कि तो वह बोली, कोई कारण नहीं था। उसने सिर्फ अपने जेठ की बच्ची विधि की ही हत्या की है, बाकी तीन बच्चे कैसे मरे, उसे नहीं पता जबकि बुधवार को ही उसने चारों बच्चों की हत्या स्वीकार की थी।

  पुलिस के सवालों का जवाब देती पूनम की मां सुनीता। जागरण
पांच मिनट तक विधि को डुबोए रखा, मरने के बाद ही छोड़ा

डाॅक्टर के पूछने पर पूनम ने बताया कि उसने करीब पांच मिनट तक बच्ची विधि को पकड़कर उसके सिर को पानी में डुबोए रखा था। जब तक वह मर नहीं गई, उसे पानी में डुबोए रखा। हत्या का कारण पूछने पर उसने बताया कि उसे नहीं पता कि उसके हाथ से हत्या क्यों हो गई।

फिर मनोरोग विशेषज्ञ ने कई आसान सवाल पूछे, लेकिन उसने जान-बूझकर गलत जवाब दिए। डाॅक्टर ने उसे तीन शब्द आम, पतंग व सिक्का बताते हुए इन्हें याद रखने को कहा। एक-दो सवाल पूछने के बाद जब उससे तीन शब्द बताने कहा तो उसने सिर्फ आम बताकर दो अन्य याद नहीं आने की बात कही।

इसके बाद डाक्टर ने कोई कहावत या मुहावरा बताने को कहा तो बोली कि अब उसे कुछ याद नहीं। डाक्टर ने राई का पहाड़ बनाने का अर्थ पूछा तो जवाब नहीं दिया। वहीं थाना प्रभारी ने नौ दो ग्यारह, आ बैल मुझे मार जैसे मुहावरों के अर्थ बताने को कहा तो उसने कहा कि पढ़ते समय ही याद थे, अब याद नहीं हैं।
सुंदर बच्चों की हत्या करना नहीं स्वीकारा

डाॅक्टर ने पूनम से 100 में से सात घटाने को कहा तो बड़ी मुश्किल से यादकर 97 बताया। इसमें से सात घटाने पर 93 बताया। 93 में से सात घटाने पर पहले 97, फिर 88 और फिर 83 बताया। इसमें से सात घटाने पर 77 बताया। हत्या का कारण पूछने पर पूनम ने हत्या का कोई कारण नहीं बताया। डाॅक्टर ने किसी बच्चे को पीटने, विधि पर गर्म चाय उड़ेलने पर कहा कि उसने कभी किसी बच्चे को नहीं पीटा। विधि पर चाय भी गलती से गिर गई थी। इसके बाद पूनम रोने लगी और कहा कि उसे पछतावा है, वह अपनी गलती सुधारने का अवसर देने की मांग करने लगी। पति नवीन ने बताया कि वह अपने बेटे को मिट्टी में भी नहीं खेलने देती थी, कहती थी यह अधिक गोरा है। मिट्टी में खेलने से काला हो जाएगा।
\“सपने में कोई पैर पकड़कर अपने पास बुलाता था\“

तंत्र-मंत्र संबंधी सवाल पर डाॅक्टर के पूछने पर पूनम ने बताया कि उसे सपने में अकसर एक काला-कलूटा व्यक्ति दिखाई देता है और जो उसके पैर पकड़कर अपने पास बुलाता है। किसी के कमरे में न होने पर पर्दों में आग लगने, चुन्नी जलने की घटनाओं पर उसने बताया कि उसे नहीं पता कि वे घटनाएं कैसे हो रही हैं। बेटे की मौत के कई दिन बाद रात को बेडरूम में फांसी लगाने के प्रयास की घटना पूछने पर उसने बताया कि उसे नहीं पता कि यह कैसे हुआ था। नवीन ने बताया कि बेटे की मौत के बाद उसे जींद और चंडीगढ़ में न्यूरोलाॅजिस्ट को दिखाया था। कई माह उसका इलाज भी चला लेकिन डाॅक्टर ने उस समय भी कोई बीमारी नहीं बताई थी।

  नागरिक अस्पताल में पुलिस की इसी जीप में पूनम को बैठाकर रखा गया। जीप के पास में किसी जानकार से बात करते हुए पूनम का पति नवीन (ग्रीन जैकेट में) जागरण
किसी को नहीं बताती थी स्कूल की बातें

गुरुवार को सबसे पहले मनोरोग चिकित्सक डाॅ. संदीप आंतिल ने पूनम की मां सुनीता को बुलाया और उससे पूछताछ की। उन्होंने बताया कि वह सामान्य बच्चों जैसी ही थी, कोई असामान्य बात नहीं थी। वह दो भाइयों में सबसे बड़ी थी। स्कूल में पढ़ाई के दौरान उसने कभी भी किसी के साथ झगड़ा होने की बात उसे नहीं बताई थी। वह स्कूल की बातें भी घर आकर नहीं बताती थी। जब किसी अन्य का किसी और से स्कूल में झगड़ा होता था तो वह घर आकर बताती थी। उसके ससुराल वालों की ओर से बताई बातें ही जानती है, पूनम कभी कुछ नहीं बताती थी।
सास-ससुर से झगड़ा कर मायके चली जाती थी पूनम

पूनम की मां सुनीता के बाद डाॅक्टर ने उसके पति नवीन को बुलाकर करीब 20 मिनट तक पूछताछ की। नवीन ने बताया कि शादी के बाद से ही ऐसी थी, गुमसुम रहती थी। सब्जी, रोटी जैसी छोटी-छोटी बातों को लेकर वह अकसर अपने सास-ससुर से झगड़ा कर मायके चली जाती थी। एक-दो महीने वहीं रहती थी। नवीन ने बताया कि शादी के बाद उसने अपनी किसी सहेली का कभी जिक्र नहीं किया था और न ही कभी उसकी किसी सहेली का फोन ही उसके पास आया। वह फोन पर अपनी मां से ही अधिक बात करती थी।

यह भी पढ़ें- चार बच्चों की हत्यारिन पूनम की मानसिक स्थिति की हो रही जांच, 40 मिनट में पुलिस ने पूछे 50 सवाल
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