search

चक्रधरपुर में नए साल पर हजम हुए हजारों मुर्गे और बकरे, शराब की भी हुई जमकर बिक्री

cy520520 2026-1-1 17:57:32 views 1127
  

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)



जागरण संवाददाता, चक्रधरपुर। नये वर्ष का उत्साह वैसे हर वर्ग में देखा गया, पर दारू और मुर्गे-मांस के दुकानदारों की चांदी रही। नववर्ष पर इन चीजों की बिक्री चरम पर रही।

इसका असर पिकनिक मनाने वालों के सिर चढ़कर बोला। राजे-रजवाड़ों के समय में यह बात आम थी कि सुरा और सुंदरी के बगैर कोई जश्न नहीं होता। अब सुंदरी की बात तो खतरा बन गई है, लेकिन सुरा के साथ मुर्ग-मुसल्लम की जोड़ी खूब जम गई है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

तभी तो चक्रधरपुर के हाट-बाजारों में मांस की बिक्री जोरदार रही। हजारों की संख्या में ब्रायलर मुर्गे कटे, वहीं देशी मुर्गों की मांग भी बनी रही।

शराब की दुकानों पर अन्य दिनों की अपेक्षा अंग्रेजी शराब के खरीदारों की लम्बी कतार देखी गई। खानपान के बाजार में सब्जी भाजी की बिक्री के बजाए ब्रायलर मुर्गे व खस्सी के मांस की बिक्री जोरों पर रही।

जाड़े का मौसम और इस मौसम में मांसाहारी प्राणी आखिर मौका कैसे चूकते। एक जनवरी को मांस की दुकानों पर सुबह-सवेरे लोग झपटते देखे गए। मौज-मस्ती के दौर में मांस और शराब की बिक्री सम्मानजनक रही।

चूंकि इसके बिना मौज-मस्ती आज के समय में बेमानी मानी जाने लगी है। शराब की बिक्री से दुकानदार भी खुश थे। ग्रामीण क्षेत्र के महुआ शराब विक्रेताओं ने भी मौके का भरपूर लाभ उठाया।

इस मौके का लाभ मुर्गे वालों ने खूब उठाया। कम वजन के ब्रायलर मुर्गे बाजार में नहीं मिल रहे थे। छोटे मांसाहारी परिवारों को जरूरत से ज्यादा मांस खरीदना पड़ा। खैर मांस और शराब की बिक्री का लब्बो लुबाब यह रहा कि इसके प्रभाव से दुघर्टना की आशंका बनी रही।

पिकनिक के लिए जिनके बच्चे पिकनिक स्थलों पर गये थे, उनके परिजन देर शाम तक सही सलामत लौटने की दुआ कर रहे थे।
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
158124