जागरण संवाददाता, संभल। अंतरराष्ट्रीय वाहन चाेर और हिंसा का मास्टरमाइंड शारिक साठा की अब संपत्ति कुर्क होगी। नखासा पुलिस द्वारा न्यायालय के आदेश पर अयान की हत्या करने के मामले में उद्घोषणा का तीसरा नोटिस उसके दीपा सराय स्थित घर पर चस्पा किया था, जिसकी मियाद पूरी हो गई है। न्यायालय में पेश न होने के चलते प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। अब न्यायालय की ओर से उसकी संपत्ति को कुर्क करने का आदेश जारी किया जाएगा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
मालूम हो कि 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद में एडवोकेट सर्वे के दौरान हिंसा भड़की थी। इसमें पथराव के साथ ही फायरिंग और आगजनी की घटना हुई थी। जबकि फायरिंग में भीड़ में शामिल बिलाल, नईम, कैफ और अयान की गाेली लगने से मौत हो गई थी।
एसआईटी टीम द्वारा हिंसा के बाद जब भीड़ वाली जगह पर तलाशी अभियान चलाया गया तो वहां पाकिस्तानी कारतूसों के साथ ही विदेशी तमंचे बरामद हुए थे, जिसमें शारिक साठा का नाम सामने आया था। हिंसा की साजिश सुनियाेजित थी और उसने ही विदेश में बैठकर अपने गुर्गों गुलाम और मुल्ला अफरोज के जरिये तमंचे उपलब्ध कराए थे। जिनसे हिंसा के दौरान पुलिस पर फायरिंग की गई थी।
मामले में पुलिस मुल्ला अफरोज और गुलाम को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। कोतवाली पुलिस ने शारिक साठा पर चार लोगों की हत्या करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। चारों मुकदमों में यह वांछित चल रहा है।
पुलिस पहले ही बिलाल और नईम की हत्या करने के मामले में दीपा सराय स्थित शारिक साठा के घर न्यायालय के आदेश पर कुर्की का नोटिस चस्पा कर चुकी है। हालांकि, दोनों नोटिस किसी ने फाड़ दिए थे।
30 नवंबर 2025 को अयान की मौत के मामले में एसआईटी के विवेचक में मेघपाल सिंह ने उसके घर पर न्यायालय के आदेश पर कुर्की की उद्घोषणा का तीसरा नोटिस चस्पा किया था। यह कार्रवाई मुकदमा अपराध संख्या 339/2025, धारा 103(1)/125/61(2) बीएनएस, थाना कोतवाली संभल में दर्ज मामले के तहत हुई थी।
कुर्की की उद्घोषणा चस्पा होने का अर्थ था कि शारिक साठा को अदालत में पेश होना था। जिसमें 30 दिन का समय दिया गया था, लेकिन वह पेश नहीं हो सका। अब उसकी चल-अचल संपत्ति कुर्क की जाएगी।
एसआइटी प्रभारी व असमोली सीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि उसके खिलाफ चार लोगों की हत्या के मामले में अलग अलग प्राथमिकी दर्ज हैं। न्यायालय के आदेश पर तीन मुकदमों में कुर्की की उद्धोषणा का नोटिस चस्पा किया गया था, लेकिन वह पेश नहीं हो सका। अब न्यायालय की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी। |
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