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Weather Update 2 January: यूपी के इस जिले में सर्दी का सितम, खेत की सिंचाई करने गए किसान की मौत

Chikheang 1 hour(s) ago views 721
  



जागरण संवाददाता, फतेहपुर। सर्दी का सितम जारी है। अब तो थोड़ी सी असावधानी जानलेवा साबित हो सकती है। शुक्रवार को खेत में पानी लगाने गए एक किसान की सांसें थम गईं। दिन भर भगवान भास्कर के दर्शन नहीं हुए और कोहरे की चादर से आसमान ढका रहा। दोपहर तक तो दृश्यता मात्र पांच मीटर ही थी, जिससे सड़क यातायात रेंगता रहा। बर्फीली हवाओं से जनमानस ही नहीं पशु-पक्षी भी कांप उठे। अधिकतम तापमान 17.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, वहीं न्यूनतम पारा 9 डिग्री सेल्सियस रहा। दृश्यता मात्र पांच मीटर रही।


एक पखवाड़े से पड़ रही कड़ाके की सर्दी कम होने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को पछुवा हवाओं की वजह से जनमानस कांप उठा। ऐरायां ब्लाक के कटोघन गांव में शुक्रवार की दोपहर 55 वर्षीय किसान रणधीर सिंह की सर्दी लगने से मृत्यु हो गई। किसान दोपहर में भोजन करने के बाद खेतों में पानी लगाने गए थे। खेत में ही किसान बेहोश हो गए।

  

आनन-फानन पड़ोसी व स्वजन अचेतावस्था में सीएचसी हरदों लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण बाद मृत घोषित कर दिया। पड़ोसी गोवर्धन सिंह ने बताया कि दिवंगत के परिवार में दो बेटे बाहर रहते हैं, घर पर बहुएं रहती हैं। क्षेत्रीय लेखपाल आदर्श तिवारी ने कहा कि मृत्यु के संबंध में गांव जाकर जांच की जाएगी।  

पालिका ने दिन में भी जलवाए अलाव


शुक्रवार को दिन भर धूप नहीं निकली और बर्फीली हवाएं चलती रहीं। भीषण सर्दी को देखते हुए पालिका प्रशासन ने प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर दिन भर अलाव जलवाने के निर्देश दिए। हालांकि सामान्य दिनों में रात को लकड़ी डलवाई जाती है, जिससे रात में राहगीर व मुसाफिरों को सर्दी से राहत मिल सके लेकिन जिस दिन मौसम ज्यादा खराब होता है, उस दिन पूरे दिन अलाव की लकड़ी प्रमुख स्थलों पर डलवाने की व्यवस्था दी गई है। पालिका चेयरमैन राजकुमार मौर्य ने सभी कर्मचारियों को निर्देशित किया कि भीषण सर्दी में अलाव की व्यवस्था दुरुस्त रहनी चाहिए।  

ठिठुरते हुए पहुंचे मांटेसरी व कान्वेंट स्कूल के बच्चे


भीषण सर्दी में भी कई मांटेसरी व कान्वेंट स्कूल खुल रहे हैं, ऐसे में ठिठुरते हुए छोटे-छोटे बच्चे स्कूल पहुंचे। कई अभिभावकों ने इस पर ऐतराज जताया है। कहा कि भीषण सर्दी में भी स्कूल संचालन पर सख्ती से रोक लगाई जाए।

  
अलाव की लकड़ी जुटाते रहे ग्रामीण

भीषण सर्दी से बचाव की लकड़ी का प्रबंध ग्रामीणों को खुद से करना पड़ रहा है। नगरीय इलाकों में भी गरीब तबके के लोग आसपास की झाड़ियों को काटकर लकड़ी जुटाते रहे। वहीं ग्रामीणांचलों में लोग बिलायती बबूल व रोड किनारे के ठूंठों को उखाड़ते नजर आए।
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