AI की वजह से 2030 तक यूरोपीय बैंकों में बड़े पैमाने में नौकरियां खत्म हो सकती हैं। Photo- AI
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से 2030 तक यूरोपीय बैंकों में 2,00,000 से ज्यादा नौकरियां खत्म हो सकती हैं। ये जानकारी एक रिपोर्ट से मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक मॉर्गन स्टेनली के एक एनालिसिस में दावा किया गया है कि, यूरोप के 35 बड़े बैंकों सहित वहां के लेंडर्स अगले पांच वर्षों में अपनी टोटल वर्कफोर्स में 10 प्रतिशत की कटौती कर सकते हैं, जिससे बड़े पैमाने पर छंटनी हो सकती है। कोरोना महामारी के बाद से टेक इंडस्ट्री में पहले ही काफी छंटनी हो चुकी है, लेकिन अगर ये अनुमान सही साबित हुए, तो अब बैंकिंग सेक्टर में नौकरियों पर बड़ा संकट आ सकता है।
यूरोपीय बैंकिंग सेक्टर में बड़े पैमाने पर छंटनी हो सकती है
फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मॉर्गन स्टेनली के एनालिस्ट्स ने प्रेडिक्ट किया है कि AI को बड़े पैमाने पर अपनाने और फिजिकल ब्रांच में कमी से अगले पांच सालों में यूरोप में स्टाफ की जरूरतें कम हो सकती हैं। कहा जा रहा है कि बैंक AI सिस्टम से मिलने वाली ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
टोटल 2.1 मिलियन नौकरियों में से 10 प्रतिशत, यानी लगभग 2,12,000 नौकरियां खतरे में हैं, पब्लिकेशन का दावा है कि सबसे बड़ी छंटनी बैक-ऑफिस ऑपरेशन्स, रिस्क मैनेजमेंट और कंप्लायंस में होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन भूमिकाओं को रिपिटेटिव या डेटा-इंटेंसिव माना जाता है और इन्हें मशीन लर्निंग और AI टूल्स का इस्तेमाल करके ऑटोमेशन के लिए प्राइम कैंडिडेट माना जाता है। इनमें से कुछ कामों में ट्रांजैक्शन की निगरानी करना, रिपोर्ट तैयार करना और बड़े डेटासेट को प्रोसेस करना शामिल है। एल्गोरिदम इन कामों को ट्रेडिशनल मैनुअल प्रोसेस की तुलना में तेजी से कर सकते हैं, जो बैंकों की टेक्नोलॉजी-बेस्ड रीस्ट्रक्चरिंग में इंटरेस्ट का एक कारण है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई यूरोपीय बैंकों ने पहले ही स्टाफ में कटौती की अपनी योजनाओं की रूपरेखा तैयार कर ली है। डच बैंक ABN Amro ने कथित तौर पर 2028 तक अपने कुल वर्कफोर्स का लगभग 20 प्रतिशत, या पांचवां हिस्सा खत्म करने की योजनाओं की घोषणा की है। ऑनगोइंग डिजिटाइजेशन और ऑर्गेनाइजेशनल स्ट्रैटिफिकेशन को इसके पीछे की वजह बताया गया है। फ्रेंच लेंडर Société Générale ने भी कथित तौर पर संकेत दिया है कि उसके ऑपरेशन्स का कोई भी सेगमेंट जांच से अछूता नहीं है क्योंकि संस्थान अपने कॉस्ट बेस को कॉम्पिटेटिव प्रेशर के साथ अलाइन करना चाहता है।
ये ट्रेंड सिर्फ़ यूरोप तक ही सीमित नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका में गोल्डमैन सैक्स ने अक्टूबर 2025 में अपने कर्मचारियों को बताया कि वह OneGS 3.0 नाम की AI-बेस्ड स्ट्रैटेजी के तहत साल के आखिर तक छंटनी करेगा और नई भर्तियों पर रोक लगाएगा। इस पहल में क्लाइंट ऑनबोर्डिंग से लेकर रेगुलेटरी रिपोर्टिंग तक ऑपरेशनल एरिया शामिल हैं, जिससे पता चलता है कि दुनिया भर के फाइनेंशियल संस्थान भी इसी तरह की एफिशिएंसी स्ट्रैटेजी पर काम कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें: Upcoming Smartphones: नया फोन लेने से पहले रुकिए! इस महीने आ रहे हैं ये दमदार 5G स्मार्टफोन्स |