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उम्मीद-2026: चारधाम के साथ ही सीमांत गुंजी तक की उड़ान भरेंगे यात्री, हेली सेवाएं लगाएंगी पंख

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इस वर्ष हेली सेवाओं के और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद। सांकेतिक तस्वीर



राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में भौगोलिक परिस्थितियां हमेशा से विकास की सबसे बड़ी चुनौती रही हैं। पहाड़, संकरे रास्ते और मौसम की अनिश्चितता के कारण कई क्षेत्रों तक सड़क मार्ग से पहुंचना कठिन होता है। ऐसे में हेली व हवाई सेवाएं राज्य के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरी हैं।

इस समय प्रदेश में पिथौरागढ़ से लेकर केदारनाथ व चिन्यालीसौड़ तक हेली सेवाओं का संचालन किया जा रहा है। इस वर्ष आपदा में भी हेली सेवाओं के जरिये राहत कार्यों को गति मिली तो प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।

केदारनाथ में भी हेली सेवाएं बुजुर्ग व दिव्यांग यात्रियों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। अब धामी सरकार इसका दायरा बढ़ा रही है। इस वर्ष भी राज्य में हेली सेवाओं के विस्तार की उम्मीद बंधी है।

इस वर्ष चारधाम के लिए शुरू हो सकेगी हेली सेवाएं

प्रदेश में इस वर्ष बदरीनाथ व यमुनोत्री के लिए भी शटल सेवा शुरू होने की उम्मीद है। प्रदेश में अभी चारों धाम में से केवल केदारनाथ के लिए हेली शटल सेवाओं का संचालन किया जाता है। इस वर्ष नागरिक उड्डयन विभाग गौचर से बदरीनाथ और जानकी चट्टी से यमुनोत्री के लिए हेली सेवा संचालित करने की तैयारी कर रहा है।

इसके लिए टेंडर जारी करने की तैयारी है। इन दोनों हेली सेवाओं के संचालन से यात्रियों का सफर और अधिक आसान हो सकेगा। विभाग सभी धामों में शटल सेवाओं को सुरक्षित बनाने के लिए एसओपी भी तैयार कर रहा है। साथ ही फाटा के आसपास एयरपोर्ट विकसित करने का भी प्रयास चल रहा है।

पिथौरागढ़ में अब बढ़ा हवाई जहाज उतारने की तैयारी

प्रदेश सरकार अब पिथौरागढ़ हवाई अड्डे का विस्तार कर रहा है। इसके तहत अब इस थ्री-सी श्रेणी के रूप में उच्चीकृत किया जा रहा है। ऐसा होने से यहां 72 सीटर हवाई जहाज उतर सकेंगे। यानी यहां अधिक यात्रियों का आवागमन हो सकेगा। साथ ही सीमांत क्षेत्र होने के कारण सामरिक दृष्टि से भी यह हवाई अड्डा महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही विभाग अब देहरादून से पिथौरागढ़ के बीच हवाई सेवा की दिशा में भी आगे कदम बढ़ा रहा है।

गुंजी में बनाई जा रही एयर स्ट्रिप

नागरिक उड्डयन विभाग की योजना गुंजी में एयर स्ट्रिप बनाने की भी है। इसके लिए यहां जमीन का चिह्नीकरण किया जा रहा है। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के कारण यह एयर स्ट्रिप पर्यटकों के साथ ही सेना के लिए भी खासी अहम साबित होगी।

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सी प्लेन के शुरू होने की भी संभावना

प्रदेश में अब सी प्लेन के संचालन में नई उम्मीद जगी है। नागरिक उड्डयन विभाग ने अब प्रदेश के भीतर ही सी प्लेन उड़ाने के लिए एक सर्किट तैयार किया है। इसमें टिहरी, ऋषिकेश, नानकमत्ता, कालागढ़ व हरिपुरा झील को शामिल किया गया है। यहां सी प्लेन संचालन की संभावनाओं का अध्ययन करने पर इन्हें काफी हद तक अनुकूल भी पाया जा चुका है। नागरिक उड्डयन विभाग की ओर से इन झीलों का एक सर्किट बनाते हुए यहां सी प्लेन के संचालन की कार्ययोजना केंद्र को भेजी गई है।

सीईओ यूकाडा आशीष चौहान का कहना है कि इस वर्ष हेली व हवाई सेवाओं के विस्तार की दिशा में कदम बढ़ रहे हैं। इसके तहत चारधाम के लिए शटल सेवाएं और पिथौरागढ़ में 72 सीटर हवाई जहाज उतारने का लक्ष्य रखा गया है।
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