सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, एटा। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने और वास्तविक कनेक्शन धारक को ही रिफिल उपलब्ध कराने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब गैस सिलेंडर बुक होने के बाद उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) भेजा जाएगा, जिसे हाकर को बताने के बाद ही सिलेंडर दिया जाएगा। इससे दूसरे के कनेक्शन पर सिलेंडर लेने की गड़बड़ी पर अंकुश लग सकेगा।
बुकिंग के बाद उपभोक्ता के मोबाइल पर आएगा ओटीपी, बताने पर ही होगा वितरण
अब तक कई हाकर दूसरे उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर बुक हुए सिलेंडर अपने चहेतों को दे देते थे और इसके बदले अतिरिक्त रुपये वसूलते थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसा करना संभव नहीं होगा, क्योंकि ओटीपी केवल संबंधित कनेक्शन धारक के मोबाइल नंबर पर ही पहुंचेगा।
कालाबाजारी और हेराफेरी पर अंकुश लगाने को लागू की गई नई व्यवस्था
गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए सभी उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पहले ही पूरी कराई जा चुकी है। इसके बाद अब बुकिंग के समय ओटीपी जनरेट करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सिलेंडर सही उपभोक्ता तक ही पहुंचे। इसके साथ ही सिलेंडर वितरण के लिए समय सीमा भी तय कर दी गई है। बुकिंग के बाद अधिकतम 48 घंटे के भीतर उपभोक्ता को रिफिल सिलेंडर उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
जिला पूर्ति अधिकारी कमलेश कुमार गुप्ता ने बताया कि ओटीपी आधारित व्यवस्था लागू होने से दूसरे के कनेक्शन पर सिलेंडर लेना संभव नहीं रहेगा। इससे गैस की कालाबाजारी पर रोक लगेगी। |