समीक्षा करते प्रधान सचिव सीके अनिल, साथ में डीएम साहिला व एडीएम। जागरण
जागरण संवाददाता, बक्सर। Bihar Bhumi: समाहरणालय सभाकक्ष में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी के अनिल ने शनिवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित एक बैठक की।
इस दौरान दाखिल–खारिज, म्यूटेशन, परिमार्जन, आधार सीडिंग, भू-लगान, आरओआर, लैंड बैंक, जन शिकायत, राजस्व महाअभियान, राजस्व न्यायालय तथा भू-अर्जन से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।
सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे राजस्व कर्मचारी एवं अमीन की दैनिक डायरी संधारित कराते हुए उनके कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करें।
साथ ही सभी राजस्व कर्मचारियों का आधिकारिक ई-मेल आईडी तैयार कर उसे सार्वजनिक करने का भी निर्देश दिया गया।
प्रधान सचिव ने निर्देशित किया कि सभी प्रशासनिक एवं अर्द्ध-न्यायिक कार्यों में संविधान के अनुच्छेद 14 के अंतर्गत समानता के सिद्धांत का कड़ाई से पालन किया जाए।
किसी भी प्रकार का भेदभाव, पक्षपात या चयनात्मक निर्णय स्वीकार्य नहीं होगा। समान परिस्थितियों में भिन्न निर्णय लिए जाने की स्थिति में उसका स्पष्ट एवं लिखित कारण दर्ज करना अनिवार्य होगा।
सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि राजस्व महा अभियान से संबंधित प्रतिवेदन दो दिनों के भीतर अपलोड करना सुनिश्चित करें तथा आधार सीडिंग का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण करें।
साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि प्रत्येक अंचल स्तर पर लैंड बैंक का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा इससे संबंधित सभी कार्य 15 जनवरी 2026 से पूर्व पूर्ण कर लें।
सरकारी भूमि का डिजिटलीकरण शीघ्र पूर्ण करने तथा यदि किसी स्तर पर बिना सक्षम अनुमति के सरकारी, खास महल अथवा अन्य भूमि की जमाबंदी की गई हो तो उसके निरस्तीकरण का प्रस्ताव अविलंब सक्षम प्राधिकारी को भेजने का निर्देश दिया गया।
इसके साथ ही सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमित एवं सख्ती से करने का भी निर्देश दिया। प्रधान सचिव ने यह भी कहा कि भूमिहीन अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति परिवारों को नियमानुसार एवं समयबद्ध रूप से सरकारी भूमि पर दखल दिलाना सभी अंचलाधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।
परिमार्जन मामलों पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि सभी का निष्पादन अधिकतम 75 दिनों की समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करें।
सभी अंचलाधिकारियों एवं राजस्व कर्मियों को एक जनवरी 26 तक लंबित सभी आवेदनों का निष्पादन एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
इसके अतिरिक्त सभी अंचलाधिकारियों को अपने-अपने अंचल के लिए आगामी तीन माह की कार्ययोजना तैयार कर जिला पदाधिकारी को समर्पित करने का निर्देश दिया गया।
भू-अर्जन मामलों की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया गया कि शिविर आयोजित कर रैयतों से आवेदन प्राप्त किए जाएं तथा जांचोपरांत पात्र हितग्राहियों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जिला पदाधिकारी साहिला, अपर समाहर्ता अरुण कुमार सिंह समेत राजस्व से संबंधित सभी पदाधिकारी मौजूद थे। |