जोमैटो। (रॉयटर्स)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। धोखाधड़ी संबंधी मामलों के कारण जोमैटो हर महीने लगभग पांच हजार गिग वर्कर्स को नौकरी से निकालता है, जबकि डेढ़ लाख से दो लाख कर्मचारी स्वेच्छा से इस फास्ट फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म को छोड़ देते हैं। यह बात जोमैटो की पैरेंट कंपनी इटरनल के संस्थापक और सीईओ दीपेंद्र गोयल ने कही।
एक यूट्यूबर के साथ एक वीडियो पॉडकास्ट में गोयल ने कहा कि जो लोग प्लेटफॉर्म छोड़ते हैं, वे गिग वर्क को अस्थायी नौकरी मानते हैं। गौरतलब है कि अधिक वेतन, बेहतर कामकाजी परिस्थितियों और सुरक्षा की अपनी मांगों को लेकर जोमैटो समेत क्विक कामर्स और फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले कई गिग वर्कर्स ने नए साल की पूर्व संध्या पर हड़ताल कर दी थी।
इस बीच, श्रम और रोजगार मंत्रालय ने चार श्रम संहिताओं के लिए मसौदा नियम प्रकाशित किए हैं, जिसमें गिग वर्कर्स को भी न्यूनतम मजदूरी, स्वास्थ्य, व्यावसायिक सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा कवरेज जैसे विभिन्न लाभ दिए जाने का प्रविधान है।
सरकार ने इन मसौदा नियमों पर हितधारकों से प्रतिक्रिया आमंत्रित की है। एक अप्रैल से पूरे देश में चार श्रम संहिताओं को लागू किया जाना है।
(समाचार एजेंसी आइएएनएस के इनपुट के साथ) |
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