जागरण संवाददाता, कानपुर। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने केंद्र सरकार द्वारा “जी राम जी“ योजना को गांव के विकास और भ्रष्टाचार पर प्रहार बताया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना के माध्यम से कांग्रेस की सरकारों में 12 हजार करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला किया हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी राम जी कानून लाकर मनरेगा में हो रहे भ्रष्टाचार को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। यह एक बड़ी उपलब्धि होगी और गांव के श्रमिक भाइयों को अब 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार मिल सकेगा।
उपमुख्यमंत्री मंगलवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सभागार में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत की दिशा में कदम बढ़ा दिया है, जी राम जी कानून इस दिशा में एक सार्थक कदम है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पहले मनरेगा में केवल गड्ढा खोदने और उसे भरने का काम होता था। गांव की सड़क, नाली और उसे जुड़े विकास के काम नहीं हो पाए थे। अब जी राम जी कानून आने के बाद से गांव का विकास होगा, गांव में इस कानून के बाद वहां सड़क, नालियां आदि का निर्माण होगा। साथ ही इस कानून से गांव के विकास कार्य से जुड़े ओवरलैपिंग खत्म होगा और रोजगार सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि मनरेगा कानून में हुए बदलाव को लेकर विपक्ष बुनियाद आरोप लगा रहा है। आज विपक्ष मुद्दा विहीन है इसलिए जी राम जी योजना को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा में 100 दिन की गारंटी के तहत काम मिलता था और जब मनरेगा का काम हो रहा होता था उसी समय कृषि का काम भी होता था। ऐसे में खेती के काम में जुड़े लोगों को मनरेगा के तहत पूरे 100 दिन का काम नहीं मिल पाता था।
जी राम जी योजना के तहत 60 दिन की खेती का काम भी इस कानून के तहत मिलेगा। पहले कांग्रेस और उससे संबंध स्वयं सेवी संस्थाएं इस योजना में भ्रष्टाचार करती थी। पहले किसी एक गांव का ही विकास होता था पर अब इस नए कानून के तहत गांव को तीन श्रेणियां में बांटकर वहां पर विकास किया जाएगा। अगर किसी गांव में पहले केवल विद्यालय में चारदीवारी बनाई जाती थी। अब इस योजना के तहत विद्यालय में प्रयोगशाला भी बनाया जा सकता है। पहले 5 वर्ष का कार्ड बनता था, वह भी अपने चाहते लोगों के ही बनाए जाते थे। अब जी राम जी कानून के तहत 3 वर्ष का कार्ड बनेगा और वह हर 3 वर्ष बाद रिन्यू किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव 2027 में सत्ता में वापसी का सपना देख रहे है। अखिलेश यादव बिहार के रिजल्ट आने के बाद से बौखला गए हैं और उनका सारा घमंड 2027 में चूर-चूर हो जाएगा। 2027 में सफाई तो जीत सकते हैं पर लखनऊ जितना उनके बस की बात नहीं। उन्होंने कहा कि 2047 तक वह उत्तर प्रदेश के सत्ता के इर्द-गिर्द नहीं दिखाई देंगे।
इसके अलावा शिवपाल यादव के मैं हिंदू नहीं यादव हूं वाले बयान पर उन्होंने कहा कि उन्हें इलाज की सख्त जरूरत है। वहीं कानपुर में संगठन और पदाधिकारी के बीच में चल रहे विवाद पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे क्षेत्रिय और जिला अध्यक्ष आपस में बैठकर सभी विवाद को सुलझा लेंगे। उनसे जब पूछा गया कि कानपुर में बंटी टैक्स लिया जा रहा है तो इस सवाल पर उन्होंने कहा कि यह कौन सा टैक्स है? |
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