जागरण संवाददाता, वाराणसी (मिर्जामुराद)। साइबर क्राइम के प्रति जनता को जागरूक किए जाने के बावजूद ठगी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में एक महिला से फेसबुक के माध्यम से दोस्ती कर उसे बहन बनाकर छह लाख रुपये ठग लिए जाने का मामला सामने आया है। ठगी की शिकार महिला, ममता देवी, ने मंगलवार को स्थानीय थाने में तहरीर दी है।
मिर्जामुराद के भोरकलां (मनकईया) गांव की निवासी ममता देवी के फेसबुक पर एक अनजान युवक ने संपर्क किया। युवक ने ममता को एक लिंक भेजकर उसका मोबाइल नंबर हासिल किया और फिर खुद को उसकी बहन बताकर बातचीत करने लगा। नए वर्ष के अवसर पर उसने ममता को 6 हजार डॉलर का उपहार भेजने का वादा किया और इसके लिए एक मैसेज भेजा।
जालसाज ने ममता से झांसा देकर उसके बैंक खाते का नंबर लिया और ओटीपी भी हासिल किया। इसके बाद, 23 से 29 दिसंबर के बीच, उसने एसबीआई के खाते से छह लाख रुपये निकाल लिए। ठग ने पैसे निकालने के बाद अपना मोबाइल बंद कर लिया, जिससे ममता देवी को ठगी का एहसास हुआ।
इस घटना ने एक बार फिर साइबर ठगी के प्रति लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के ठगी के मामलों में वृद्धि हो रही है, और लोगों को अनजान व्यक्तियों से संपर्क करने में सतर्क रहना चाहिए। साइबर ठग अक्सर सोशल मीडिया का उपयोग कर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं, और इस प्रकार की ठगी से बचने के लिए सावधानी बरतना आवश्यक है।
ममता देवी ने पुलिस से गुहार लगाई है कि ठग के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उसके पैसे वापस दिलाए जाएं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर क्राइम के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, और ऐसे मामलों में पीड़ितों को अक्सर अपनी पहचान और वित्तीय जानकारी साझा करने के लिए मजबूर किया जाता है।
साइबर ठगी के इस मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सावधानी ही सुरक्षा है। लोगों को चाहिए कि वे अपने ऑनलाइन व्यवहार में सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करें। इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए, समाज को एकजुट होकर साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। |