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एक या दो नहीं डेयरी संचालक को मारी थीं ताबड़तोड़ 69 गाेलियां, दिल्ली में एनकाउंटर के बाद दो शूटर गिरफ्तार

Chikheang 2026-1-6 17:57:41 views 1033
  



जागरण संवादाता, नई दिल्ली। सरिता विहार थानाक्षेत्र के आया नगर में बीते 30 नवंबर की सुबह डेरी संचालक रतन लाल लोहिया को 69 गोलियां मारकर बेरहमी से हत्या करने के मामले में शामिल दो बदमाश कमल अधाना व नरेंद्र उर्फ नीतू को क्राइम ब्रांच ने द्वारका में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में दोनों के पैरों में गोलियां लगी है।

दाेनों कुख्यात गैंग्स्टर नीरज फरीदपुरिया-रणदीप भाटी व हिमांशु उर्फ भाऊ गिरोह के शूटर हैं। नीरज व हिमांशु फरीदाबाद के आसपास के गांव के रहने वाले हैं और कई सालों से विदेश में छिपे हुए हैं। रणदीप, ग्रेटर नोएडा का रहने वाला है।

पिछले साल मई में संपत्ति विवाद में पहले रतन लाल लोहिया के बेटे दीपक व अन्य ने अपने विरोधी अरुण लोहिया की हत्या कर दी थी। उसी का बदला लेने के लिए अरुण के मामा ने नीरज फरीदपुरिया को रतन लाल लोहिया की हत्या कराने की सुपारी दी थी।

उसके बाद नीरज ने अपने सहयोगी गैंग्स्टरों के साथ साजिश रच इन शूटरों का बंदोबस्त किया था। अरुण के रिश्तेदार दीपक की हत्या कराना चाहते थे लेकिन उसके जेल में बंद होने के कारण रतन लाल की ही हत्या करवा दी गई।

डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा के मुताबिक कमल अधाना, तिगांव, फरीदाबाद का रहने वाला है। उसके खिलाफ पहले के सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। नरेंद्र उर्फ नीटू, बहादुरपुर, बल्लभगढ़, फरीदाबाद का रहने वाला है। उसके खिलाफ पहले के 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
30 नवंबर की सुबह रोज की तरह रतन लाल लोहिया जब अपने गांव के पास स्थित डेरी पर जा रहे थे तभी करीब आधा घंटा पहले से घात लगाकर इंतजार कर रहे तीन बदमाशों ने उनपर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थी।

वारदात के बाद बदमाश बाइक से फरार हो गए थे। घटना के समय रतन लाल ने बुलेट प्रूफ जैकेट पहन रखी थी फिर भी उनकी जान नहीं बच पाई। फोरेंसिक जांच में उन्हें 69 गोलियां मारने का पता चला था। रतन लाल लोहिया की मौके पर ही मौत हो गई थी। जांच में घटना में रणदीप भाटी-नीरज फरीदपुरिया गिरोह के सदस्यों की संलिप्तता का पता चला था।

जांच से पता चला था कि मई में रतन लाल के बेटे दीपक ने लंबे समय से चल रहे संपत्ति विवाद के कारण छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास बिजनेसमैन अरुण लोहिया की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने दीपक को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था तब से वह मंडोली जेल में ही है।

उसी का बदला लेने के लिए यह हत्या कराई गई। इस सनसनीखेज हत्या के बाद पूरी दिल्ली पुलिस तीनों बदमाशों को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास करती रही लेकिन दो महीने तक किसी को सफलता नहीं मिली। एसीपी भगवती प्रसाद व इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम को आखिरकार छह जनवरी को दोनों बदमाशों के द्वारका इलाके में आवाजाही के बारे में सूचना मिली।

उक्त सूचना पर पुलिस टीम ने जब दोनों को रोकने की कोशिश की तब बदमाशों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग करनी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैरों में गोलियां लगने से वे घायल हो गए। बदमाशों द्वारा गोलियां चलाने से एक गोली सब इंस्पेक्टर रंधावा यादव के बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी। वह बाल-बाल बच गए।

दोनों के कब्जे से अलग अलग बोर की दो अत्याधुनिक पिस्टल, नाइन एमएम, 7.62 एमएम व 7.65 एमएम के 29 कारतूस, पांच खाली खोखे व एक चोरी की बाइक बरामद की गई। कमल, रणदीप भाटी द्वारा चलाए जा रहे रिठौड़ी भाटी गैंग का मुख्य सदस्य है, जो समाजवादी पार्टी के नेता चमन भाटी की हत्या के मामले में मंडोली जेल में बंद है।

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