जागरण संवाददाता, पटना। जिले में अवैध बालू खनन, भंडारण व परिवहन के विरुद्ध प्रशासन ने एक बार फिर सघन कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार की रात करीब 1.30 बजे पालीगंज के जलपुरा सोन नद बालू घाट-8 पर खनन विभाग व पालीगंज थाना पुलिस ने औचक कार्रवाई की।
अंधेरे का फायदा उठा अवैध बालू खनन में लगे लोग तो फरार हो गए लेकिन टीम ने मौके से बालू खनन व ढुलाई करते हुए 6 ट्रैक्टर व एक लोडर को जब्त कर लिया। वाहनों के मालिकों के विरुद्ध पालीगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जब्त वाहनों पर बिहार खनिज नियमावली, 2019 संशोधित 2024 के तहत 23.81 लाख रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया है।
बताते चलें कि दिसंबर माह में चार दिन ताबड़तोड़ छापेमारी कर 84 वाहनों को जब्त करते हुए 2.72 करोड़ का जुर्माना लगाया था। गत 15 दिन से ठंड के कारण कार्रवाई बंदप्राय हो गई थी। 5 जनवरी को दैनिक जागरण ने कड़ाके की ठंड से धीमी हुई छापेमारी, तेज हुआ अवैध बालू का काराेबार शीर्षक से खबर प्रकाशित कर प्रशासन का ध्यानाकर्षण कराया था। इसके बाद डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम व एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा के निर्देष पर पालीगंज में यह कार्रवाई की गई।
गुप्त सूचना पर जब खनन विभाग व पुलिस की टीम पालीगंज के जलपुरा गांव स्थित असंचालित सोन बालू घाट क्लस्टर-8 पर पहुंची तो वहां छह ट्रैक्टर व एक लोडर सोन का पीला बालू लादे खड़े थे। छापेमारी का नेतृत्व कर रहे खान निरीक्षक गोविंद कुमार, पालीगंज थानाध्यक्ष, खान निरीक्षक उत्तम मणि व खनन बल के जवान जबतक संभलते, सभी चालक व अन्य लोग अंधेरे का फायदा उठाते हुए वाहन छोड़ कर फरार हो गए।
इसके बाद स्थानीय चालकों की सहायता से जब्त वाहनों को अनुमंडल कार्यालय पालीगंज लाया गया। खान निरीक्षक गोविंद कुमार के आवेदन पर पालीगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार जब्त लोडर से अवैध रूप से करीब 7,000 घनफीट बालू का खनन किया गया था। इससे सरकार को लगभग 7 लाख 45 हजार 500 रुपये के राजस्व की क्षति हुई है।
इस पूरे मामले में कुल वसूलनीय राशि 23 लाख 81 हजार 710 रुपये आंकी गई है। फिलहाल पुलिस फरार वाहन चालकों और अवैध खनन में संलिप्त लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी में जुटी है। डीएम ने कहा कि अवैध खनन से पर्यावरण व राजस्व को हो रहे नुकसान को देखते हुए आगे भी छापेमारी अभियान जारी रहेगा। |
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