प्रतीकात्मक फोटो
संवाद सूत्र, जागरण, बुगरासी (बुलंदशहर)। क्षेत्र के एक गांव से बरात को लौटना पड़ा। पिता ने ही बेटी की बरात बुलाई और फिर नाबालिग बता शादी करने से इन्कार कर दिया। जबकि किशोरी उसी दूल्हे से विवाह करने की जिद पर अड़ गई। फिर मंदिर में फेरों की रस्म निभाई गई और दूल्हे ने मांग में सिंदूर भरकर विवाह संपन्न किया। इसके बाद पहुंची पुलिस ने दूल्हे को हिरासत में ले लिया। बरात बगैर दुल्हन लिए ही बैरंग लौट गई। देर शाम पुलिस दूल्हा-दुल्हन को थाने ले आई और जिला बाल संरक्षण अधिकारी को मौके पर बुला लिया।
मंगलवार को हापुड़ जनपद के सिंभावली थाना क्षेत्र निवासी युवक की बरात मंगलवार को नरसेना थाने की बुगरासी चौकी क्षेत्र के एक गांव पहुंची। बरात के पहुंचते ही लड़की के माता-पिता ने अपनी पुत्री को नाबालिग बताते हुए शादी से इन्कार कर दिया। गांव से बरात लौटनी शुरू हुई तो जिम्मेदार लोगों ने पंचायत में दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। उधर, दुल्हन बनी किशोरी उक्त दूल्हे से ही शादी की जिद पर अड़ गई। ग्रामीणों ने बताया कि स्वजन द्वारा किशोरी की पिटाई भी की गई।
माता-पिता से क्षुब्ध किशोरी ने गांव के बाहर मंदिर में पहुंच कर फेरे लिए और दूल्हे से मांग में सिंदूर भरवाने की रस्म पूरी कराते हुए मंगलसूत्र भी पहन लिया। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी रहा। मौके पर मौजूद महिलाओं ने बताया कि पिछले कई दिन से घर में मंगल गीत व नाच-गाने सहित सभी रिवाज निभाए गए।
बाल विवाह की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने किशोरी को विदा होने से रोक दिया और दोनों पक्षों को थाने ले आई। थाना प्रभारी वीरपाल सिंह ने बताया कि किशोरी की शादी की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। युवक को हिरासत में लिया है और लड़की को बाल कल्याण समिति भेजा गया है। जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में जिला बाल संरक्षण अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि बाल विवाह की सूचना पाकर मौके पर पहुंची थी। |
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