cy520520 • 2025-10-28 19:11:49 • views 519
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊः राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए इन्वेस्ट यूपी अब भूमि बैंक का डाटा भी एकत्र करेगा। इससे निवेश का प्रस्ताव देने वाले निवेशकों को तत्काल भूखंड दिखाया जा सकेगा। साथ ही भूखंड आवंटन में भी आसानी रहेगी। इससे निवेशकों को भूखंडों के आवंटन के लिए संबंधित विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
राज्य सरकार ने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में 50-50 एकड़ का भूमि बैंक बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विभिन्न औद्योगिक विकास प्राधिकरण भी अपने स्तर भूमि बैंक तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश हैं कि भूमि बैंक बनाने के लिए किसानों से ली जाने वाली भूमि का उचित मुआवजा दिया जाएगा। वर्तमान में विभिन्न औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के पास 6300 एकड़ से अधिक भूमि बैंक उपलब्ध है। इनमें स्थित 33,000 औद्योगिक भूखंडों का सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है।
इन्वेस्ट यूपी की कोशिश है कि राज्य भर में औद्योगिक निवेश के लिए बनाए गए भूमि बैंक और उसमें स्थित भूखंडों का सारा डाटा उपलब्ध रहे। इससे निवेशकों को निवेश का प्रस्ताव देने से पहले ही भूखंड के बारे में जानकारी दी जा सकेगी। निवेशकों की सहमति पर भूखंड आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू करा दी जाएगी, जिससे निवेशकों को भूखंडों के आवंटन और उसके बाद अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने के लिए उन्हें संबंधित विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें। इससे कम समय में निवेश को धरातल पर उतारा जा सकेगा।
इन्वेस्ट यूपी द्वारा पिछले तीन माह में निवेश के लंबित प्रस्तावों का सर्वेक्षण कराया है। इसमें सबसे बड़ी बात यही निकल कर सामने आई है कि भूमि आवंटन और एनओसी जारी करने में देरी के कारण ज्यादातर प्रस्ताव लंबित हैं। इसलिए अब इन्वेस्ट यूपी ने यह पहल शुरू की है। |
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