सान्या। फाइल फोटो स्वजन
जागरण संवाददाता, इटावा। बकेवर के ग्राम भवानीपुरा में बुधवार सुबह मजदूर के घर में बिजली शार्ट सर्किट से आग लगने से बेड पर सो रही दो साल मासूम दिव्यांग बेटी की जिंदा जलकर मौत हो गई। यही नहीं हादसे में मजदूर की जीवन भर की कमाई गृहस्थी का सामान भी आग की भेंट चढ़ जलकर खाक हो गया।
इस ह्दयविदारक घटना ने स्वजन के साथ गांववासियों को झकझोर कर रख दिया। कमरे में आग फैलने की मुख्य वजह रोशनदान में लगे एलईडी बल्व के गर्माहट से पास में बधी पालीथिन के आग पकड़ लेना बताया जा रहा है। घटना के बाद मौके पर पहुंचे राजस्व विभाग के अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को मदद का आश्वासन दिया।
सान्या की मौत के बाद बिलखती मां अंशू। जागरण
भवानीपुरा के रहने वाले आदित्य कुमार दोहरे औरैया के बाबरपुर स्थित गैस एजेंसी पर काम करता है। वह अपनी पत्नी अंशू और दो साल की इकलौती मासूम बेटी सान्या के साथ भवानीपुरा में मकान बनाकर रह रहा है। जबकि माता-पिता महेवा में पैतृक मकान में रहते हैं। बुधवार सुबह आदित्य के परिवार में उस समय बड़ी अनहोनी घट गई जब वह अपनी दो साल की इकलौती बेटी सान्या को बेड पर सुलाकर गैस एजेंसी जाने के लिए घर से निकल गया। जबकि घर पर मौजूद पत्नी अंशू भी निश्चिंत होकर गोबर के उपले बनाने के लिए छत पर चली गई।
इसी बीच करीब साढ़े आठ बजे नीचे कमरे में अचानक बिजली के शार्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। जिससे बेड पर सो रही दो वर्षीय मासूम सान्या को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। कुछ देर बाद जब कमरे से धुआं उठता देख मां अंशू नीचे पहुंची तो अपनी बेटी को आग में घिरा देख घबरा गई और शोर मचाने लगी। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया।
ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन मासूम सान्या को नहीं बचा सके। मां की आंखों के सामने बेटी की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। बेटी की आंखों के सामने जिंदा जलने से मां बदहवाश होकर गिर पड़ी। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। इधर घटना की सूचना पर थानाध्यक्ष विपिन मलिक और चौकी इंचार्ज निर्मल चंद्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। वही तहसीलदार भरथना दिलीप कुमार और लेखपाल राहुल गोयल ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। थानाध्यक्ष विपिन मलिक ने प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण बिजली शार्ट सर्किट माना है।
मां-बाप की आंखों के सामने उजड़ गई उनकी दुनिया
बकेवर के भवानीपुरा गांव में बिजली शार्टसर्किट से घर में लगी आग ने मजदूर आदित्य दोहरे की इकलौती मासूम बेटी की जान निगल ली। दो साल की मासूम सान्या जन्म से ही नेत्रहीन और चलने-फिरने में असमर्थ थी, परिवार बेटी का इलाज करा रहा था और आस में था कि एक दिन बेटी ठीक होकर चल फिर सकेगी। लेकिन आगजनी की इस घटना में उसकी मौत ने घर ही नहीं, पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।
उम्मीद थी कि बेटी ठीक हो जाएगी
सान्या के पिता आदित्य कुमार ने रोते-बिलखते हुए बताया उसकी करीब साढ़े तीन साल पहले हरचंदपुर ददूसराय गांव में हुई थी। शादी के डेढ़ वर्ष बाद बेटी हुई थी, जब पता चला कि बेटी नेत्रहीन होने के साथ शरीर से कमजोर है, तो परिवार ने उसे बोझ नहीं बल्कि ईश्वर की देन माना। सान्या का इलाज करा रहे थे, उम्मीद थी कि एक दिन उनकी बेटी ठीक होगी। लेकिन उससे पहले बुधवार को इस हादसे ने उनकी उम्मीदों को तहस-नहस कर दिया।
पिता के नहीं थम रहे आंसू
उसने रोते-बिलखते हुए बताया कि वह काम पर निकलने से पहले बेटी को अपने हाथों से दूध पिलाकर उसे बिस्तर पर सुलाकर आया था। यदि पता होता कि यह हादसा हो जाएगा तो वह काम पर ही नहीं जाता। पिता ने रोते हुए कहा कि आग की इस घटना में उनकी बच्ची की जान ही नहीं गई, बल्कि परिवार की वर्षों की जमा पूंजी भी जलकर राख हो गई। कमरे में रखा बेड, कपड़े, बक्शा, टीवी और बेड में रखे करीब 60 हजार रुपये नकद भी आग की भेंट चढ़ गए। घटना की सूचना मिलते ही शान्या के दादा-दादी महेवा से बदहवास हालत में भवानीपुरा पहुंचे। |
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