सिदगोड़ा टाउन हॉल में जानकारी देतीं अधिकारी।
जासं, जमशेदपुर । पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान को तेज कर दिया है। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर बुधवार को आयोजित वृहद प्रशिक्षण शिविर में बताया गया कि इस अभियान के तहत 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाकर वर्तमान मतदाताओं के नामों का सत्यापन और डिजिटल मैपिंग की जाएगी।
यह प्रशिक्षण जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी प्रियंका सिंह की देखरेख में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 1400 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें 616 शिक्षक एवं प्राचार्य, विभिन्न राजनीतिक दलों के 662 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) तथा अन्य संबंधित कर्मी शामिल थे। प्रशिक्षण का उद्देश्य घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच को प्रभावी बनाना और किसी भी प्रकार की त्रुटि या फर्जी नामों की पहचान करना है।
चार विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष फोकस
प्रशासन का यह विशेष अभियान मुख्य रूप से पोटका, जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र, जमशेदपुर पूर्वी और जमशेदपुर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्रों पर केंद्रित है। इन क्षेत्रों के मतदान केंद्रों वाले विद्यालयों से दो-दो शिक्षकों और प्राचार्यों को विशेष रूप से बुलाया गया था। मास्टर ट्रेनर्स ने समझाया कि कैसे एसआइआर-2003 की सूची में दर्ज पुराने मतदाताओं का वर्तमान सूची से मिलान किया जाएगा, ताकि वैध मतदाताओं का रिकॉर्ड सुरक्षित रहे।
घर बैठे खोज सकेंगे पुराना रिकॉर्ड
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि आम नागरिक भी आसानी से 2003 की मतदाता सूची में अपना नाम खोज सकते हैं। झारखंड के भीतर का रिकॉर्ड सीईओ झारखंड पोर्टल पर और अन्य राज्यों का रिकॉर्ड भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। उपस्थित प्रतिभागियों को इन पोर्टलों के माध्यम से नाम खोजने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया और जागरूकता के लिए लीफलेट भी वितरित किए गए।
बच्चे बनेंगे जागरूकता के दूत
इस अभियान की खास बात यह है कि कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को भी इसमें शामिल किया गया है। शिक्षक उन्हें प्रशिक्षित करेंगे और ये छात्र अपने घर जाकर अभिभावकों को नाम जांचने की प्रक्रिया बताएंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे तकनीकी जानकारी तेजी से जन-जन तक पहुंचेगी।
राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
शिविर में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे अपने-अपने क्षेत्र के बीएलओ को पूरा सहयोग दें और पार्टी कार्यालयों में जागरूकता सामग्री लगाएं। प्रशासन का लक्ष्य है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो। |
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